पेट्रोल पंप पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़ ।-संवाद
पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं की चर्चाओं से महज एक सप्ताह में इनकी खपत दोगुनी हो गई। एक सप्ताह पहले 20 मार्च को पूरे जिले में डीजल की बिक्री 1072 किलो लीटर हुई थी, वहीं 27 मार्च को यह बढ़कर 2037 किलो लीटर हो गई। इसी तरह पेट्रोल की बिक्री 20 मार्च को महज 415 किलो लीटर थी जो 27 मार्च को बढ़कर 840 किलो लीटर हो गई।
जिले में 374 पंप हैं, जिनमें शुक्रवार को डीजल का स्टॉक 4387 किलो लीटर है, जबकि पेट्रोल का 2819 किलो लीटर है। शुक्रवार रात में कमला नगर के पंप पर पेट्रोल न मिलने के कारण लोग परेशान रहे। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि शहर से देहात तक डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, केवल उन पंपों को दिक्कत आ रही है, जिनमें अचानक बिक्री बढ़ने पर सप्लाई चेन का ट्रक नहीं आ पाया।
हर पंप पर दो गाड़ियां होती है, जिनमें एक गाड़ी पंप पर तो दूसरी ईंधन के लिए कतार में या रास्ते में होती है। देहात में अफवाह के कारण अचानक ही मांग बढ़ गई, जिससे दूसरा टैंकर आने तक पंप से बिक्री नहीं हो पाई। यही हाल एलपीजी का है, जिसमें 23978 सिलिंडर शुक्रवार को पहुंचाए गए, जबकि स्टॉक में 42049 सिलिंडर हैं।
सात दिन में यह हुई बिक्री
दिन डीजल पेट्रोल
20 मार्च 1072.7 415.11
21 मार्च 1219.11 460.43
22 मार्च 1229.7 456.5
23 मार्च 1219.5 453.34
24 मार्च 1163.18 478.11
25 मार्च 1573.55 593.83
26 मार्च 1402.26 617.49
27 मार्च 2037.69 840.72
(आंकड़े किलो लीटर में हैं)