इस समय मानसून का मौसम चल रहा है। ये मौसम पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिस तरह से लोगों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा था, इसके बाद अब वो एक बार फिर से प्रकृति की ओर बढ़ रहे हैं. जिस वजह से वो अब ऑक्सीजन वाले पौधे रोप रहे है।
रामबाग स्थित नर्सरी संचालक बबलू ने बताया कि मानसून के साथ ही पौधों की मांग बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पौधे खरीदने वालों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं पहुंच रही हैं। पौधों की कीमत उनकी लंबाई और क्वालिटी के आधार पर निर्धारित है। नर्सरी में पीपल, बरगद, गूलर, नीम, पपीता, आम जामुन आदि के पौधे है। इसके अलावा औषद्यीय पौधों में गिलोय, आंवला, मीठा नीम, तुलसी, एलोवेरा भी खूब बिक रहा है। मानसून की पहली बारिश के बाद ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मानसून आ गया है। इसलिए पौधरोपण शुरू कर दिया है। पार्क में लगाने के लिए पीपल और बरगद के पौधे खरीदे हैं। इसके अलावा तुलसी गिलोय और एलोवेरा घर में प्लांटेशन के लिए खरीद हैं। पौधे लगाने के लिए यह सही समय है। - एकता गौतम, दयालबाग
वैसे तो हरियाली हर मौसम में भाती है, लेकिन शहर और घर को हरा भरा रखने के लिए यह सबसे अच्छा मौसम है। पौधों की खरीदारी शुरू कर दी है। इस बार सबसे ज्यादा पौधे ऑक्सीजन देने वाले और औषद्यीय पौधे खरीदे हैं। - विनीता मित्तल, दयालबाग
पीपल 20-25 रुपये प्रति पौधा