प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को लेकर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया गया। टूंडला रोड स्थित अस्पताल में जाते समय ऑटो में ही प्रसव हो गया, महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया। जल्दी से उसे एक निजी अस्पताल पहुंचाया, यहां उसने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। यह आईसीयू में भर्ती है।
राहुल नगर बोदला निवासी चंदा अपनी पत्नी नाजिया को मंगलवार की शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसे लेडी लॉयल लेकर गए। परिजनों का आरोप है कि यहां करीब तीन घंटे तक रखा, चिकित्सक कोरोना वायरस का टेस्ट कराने की कह रहे थे।
इलाज न मिलने पर परिजन दिल्ली गेट, सिकंदरा स्थित अस्पतालों में भी लेकर गए, लेकिन वहां भी जांच रिपोर्ट मांगी, रुपया भी बहुत बता रहे थे। महिला के देवर अकबर ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा को भी फोन मिलाया, लेकिन नहीं आई।
ऐसे में ऑटो करके टूंडला रोड स्थित अस्पताल में लेकर गए। झरना नाले पर भाभी का प्रसव हो गया, एक बच्ची को जन्म दिया, यह मृत थी। अस्पताल पहुंचकर दूसरी बच्ची को जन्म दिया। इसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। इसकी भी हालत खराब है।
प्रसूता की पड़ोसी डौली ने बताया कि पूरी रात सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में चक्कर काटते रहे। सिकंदरा थाने और बोदला चौकी गए, लेकिन उन्होंने भी कोई मदद नहीं की।
परिजन सहयोग नहीं कर रहे थे
गर्भवती का इलाज किया गया था। इनकी जांच की भी तैयारी की जा रही थी, लेकिन परिजन सहयोग नहीं कर रहे थे। -डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक लेडी लॉयल
अस्पताल लाते समय अधेड़ की मौत, नमूना लिया
नौलक्खा निवासी निरंजन लाल अग्रवाल (54) को सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन एसएन मेडिकल कॉलेज ला रहे थे। रास्ते में उनकी मौत हो गई। एसएन कॉलेज के चिकित्सकों ने देखकर मृत घोषित कर दिया। शव का जिला अस्पताल में नमूना लिया गया है। इनके बेटे रोहित अग्रवाल ने बताया कि दो दिन पहले बुखार आया था, लेकिन ठीक हो गया था। सांस लेने में परेशानी होने पर बुधवार को अस्पताल लाते समय दम तोड़ दिया। नमूना लिया गया है।