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नशीली दवाइयों की बड़ी मंडी बनता जा रहा यूपी का यह शहर, पांचों राज्यों की पुलिस मार चुकी है छापा

Tue, 14 Jan 2020 02:27 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ताजनगरी नशे की दवाइयों की बड़ी मंडी बनती जा रही है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार में यहां से दवाइयां भेजी जा रही हैं। पिछले एक साल में पकड़ी गई नशे की दवाइयों में से 70 फीसदी इन राज्यों में सप्लाई के लिए ले जाई गई थीं। पांचों राज्यों की पुलिस और नार्कोटिक्स विभाग अलग-अलग समय पर छापे मार चुके हैं। 
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एक साल में पांच दवा विक्रेताओं को पकड़ा जा चुका है। नशीली दवाएं पकड़ने की सबसे बड़ी कार्रवाई भी पिछले साल नवंबर में ग्वालियर की नारकोटिक्स टीम ने की। हर बार बड़ा गोदाम और सप्लायर पकड़े गए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। 

बुलंदशहर, गाजियाबाद में भी आगरा से ले जाई जा रहीं दवाइयां पकड़ी जा चुकी हैं। बिहार में पूरा गिरोह पकड़ा गया था, जो आगरा से ले जाकर खांसी के सीरप ब्लैक कर रहा था। इनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था। अब दिल्ली पुलिस जांच में लगी है।
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दिल्ली नारकोटिक्स की टीम ने एक और सप्लायर पकड़ा

दिल्ली नारकोटिक्स की टीम ने नशीले इंजेक्शन की खेप पकड़ी है। यह ऑपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करने में इस्तेमाल होता है। इसको नशे के लिए उपयोग किया जा रहा है। शुक्रवार को टीम आगरा से दो सप्लायर्स को पकड़कर ले गई थी। उनसे पूछताछ में तीन और नाम बताए गए हैं। 

इस पर टीम सोमवार की दोपहर में फव्वारा पहुंची, साप्ताहिक बंदी के चलते आरोपी का प्रतिष्ठान बंद मिला। ऐसे में टीम एक आरोपी और कर्मचारी को कमला नगर स्थित उसके घर से उठाकर दुकान पर लेकर आई। यहां उससे घंटों पूछताछ हुई। नशीली दवाओं की खरीद और इसके बिल समेत अन्य जानकारी जुटाई। तीसरा आरोपी पकड़ में नहीं आया है।

चार राज्यों के करीब है आगरा

एमपी, राजस्थान की सीमा आगरा से लगी हैं। दिल्ली 270 किमी. की दूरी पर है। हरियाणा और नजदीक है। इसी कारण दवा माफिया ने आगरा में बड़े गोदाम बना लिए हैं। देशभर के नशे की और नकली दवाइयां यहां लाकर स्टोर की जाती हैं। 

यहां से आगे भेजा जाता है। बिहार में पहले नशे की दवाइयां आगरा से नहीं जाती थीं, वहां शराबबंदी होने के बाद जाने लगीं। खांसी के सीरप को नशे के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। इनका स्टोर आगरा में किया जाता है और वहां भेजा जाता है।

अरबों की दवाइयां पकड़ी जा चुकीं
- ग्वालियर की टीम ने पिछले साल सितंबर में फ्रीगंज में करीब 225 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं जब्त की थीं।
- पिछले साल अगस्त में ड्रग विभाग ने सिकंदरा में दो गोदामों से करीब सवा करोड़ रुपये की दवाएं जब्त कीं।
- बीते साल ही जुलाई में यमुनापार के मालवा ट्रांसपोर्ट से भी 20 लाख की दवाइयां जब्त की गईं।
- दिसंबर में कमला नगर और विजय नगर कॉलोनी में अवैध गोदाम से 20 लाख रुपये की नशीली दवाएं पकड़ी।
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'दवा विक्रेता बदनाम हो रहे'

आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि नशीली दवाओं का आगरा अड्डा बन गया है। यहां कई राज्यों तक इसका कारोबार चल रहा है। इससे सभी दवा विक्रेता बदनाम हो रहे हैं। टीम की पकड़ से मुख्य सरगना अभी दूर हैं। आसपास के राज्यों में नशे की 70 फीसदी दवाइयां आगरा से जा रही हैं।

आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि नारकोटिक्स की टीम लोगों को पकड़ ले जा रही है, लेकिन इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को जरूर दी जाए, इससे दवा विक्रेताओं में भ्रम बना रहता है। 
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