दिल्ली के सुल्तानपुरी मामले में गवाह के तौर पर पेश की गई निधि के बारे में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दो साल पहले इसे आगरा कैंट स्टेशन पर जीआरपी ने गांजा तस्करी में गिरफ्तार किया था। उसके साथ दो युवक भी पकड़े गए थे। तीनों से 30 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। अब वो जमानत पर है। निधि के बारे में पूरी जानकारी के लिए एक टीम को जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है।
पुलिस टीम कर रही जांच
एसपी जीआरपी के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद जनवरी 2021 के दूसरे सप्ताह में चार्जशीट लगा दी गई। मामले में निधि को जमानत मिल गई थी। अब केस कोर्ट में चल रहा है। निधि कई तारीखों पर कोर्ट में पेश नहीं हुई थी। इस पर कोर्ट से जानकारी मिली थी। जमानतदार को बुलाया गया। वहीं एक टीम को दिल्ली भेजा गया है, जिससे स्पष्ट हो जाए कि अंजलि केस में गवाह के रूप में सामने आई निधि गांजा तस्करी में पकड़ी गई थी या यह कोई और है ?
ज्ञात हो कि दिल्ली में 31 दिसंबर 2022 की रात को घटना हुई थी। आरोप है कि अंजलि को कार सवारों ने 12 किलोमीटर तक घसीटा था। जब यह घटना हुई, तब अंजलि के साथ स्कूटी पर सुल्तानपुरी की निधि भी थी। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। निधि गवाह के रूप में दिल्ली पुलिस के सामने आई है। अब उसको लेकर एक खुलासा आगरा में भी हुआ है।
एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि 6 दिसंबर 2020 को आगरा कैंट स्टेशन पर चेकिंग में प्लेटफार्म नंबर तीन पर दो युवक और एक युवती को पकड़ा गया था। इनके पास 30 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। आरोपियों में सुल्तानपुरी सी-7/11 झुग्गी नंबर एक पोस्ट और थाना सुल्तानपुरी, नॉर्थ दिल्ली निवासी निधि, नई दिल्ली निवासी समीर उर्फ माही और रवि कुमार थे। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेजा था। आगरा कैंट पर पकड़ी गई निधि का पता और पिता का नाम, अंजलि के सहेली निधि से मिल रहा है।
गांजा मंगवाने वाले दीपक का नहीं चला पता
जीआरपी की पूछताछ में निधि ने बताया था कि वह तेलंगाना के सिकंदराबाद से गांजा लेकर आई है। उससे दिल्ली के दीपक ने गांजा मंगवाया था। रवि और समीर ने स्वयं के लिए गांजा लेकर आने की बात कही थी। निधि ने यह भी बताया था कि वह आगरा कैंट पर ट्रेन से उतरने के बाद बस से दिल्ली जाती। वहां दीपक को गांजा दे देती। मगर, उससे पहले ही पकड़ ली गई। इसके लिए उसे दस हजार रुपये भी मिलते।
पुलिस ने दीपक के बारे में जानकारी के लिए निधि के मोबाइल की जांच की थी। मगर, दो साल में भी दीपक के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका। अब अंजलि केस के आरोपियों में भी एक दीपक का नाम है, ऐसे में पुलिस के सामने जांच का एक विषय यह भी है कि निधि के दीपक का कोई संबंध अंजलि केस के दीपक से है या नहीं।
एक साल में 90 तस्करों को भेजा, सरगना नहीं
जीआरपी के रिकॉर्ड के मुताबिक, गांजा की तस्करी ट्रेन से होने पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पिछले एक साल में 80 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए। 90 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। एक हजार किलोग्राम से अधिक गांजा भी बरामद किया जा चुका है। मगर, एक भी मामले में गांजा को मंगवाने वाले अब तक नहीं पकड़े गए। तेलंगाना से गांजा पांच हजार किलोग्राम में मिलता है। इसकी बिक्री दिल्ली एनसीआर, पंजाब सहित अन्य राज्य में 30 से 40 हजार किलोग्राम तक में हो जाती है।