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आज रक्षा संपदा विभाग संत रविदास नगर को कराएगा खाली

Sat, 04 Jul 2015 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
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रक्षा संपदा विभाग बिजलीघर स्थित संत रविदास नगर की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए शनिवार सुबह अभियान चलाएगा। गुरुवार को मुनादी करने के बाद लोगों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया गया है। कार्रवाई हुई तो हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। अपने आशियाने बचाने के लिए शुक्रवार को लोगों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया से गुहार भी लगाई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
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बिजलीघर क्षेत्र में रक्षा संपदा विभाग की 22 एकड़ जमीन के कुछ हिस्से में संत रविदास नगर बसा है। यहां तीन सौ गरीब परिवाराें ने झुग्गी-झोपड़ियां बना रखी हैं। कोई मजदूरी करता है तो कोई कुछ सामन बेचकर घर चलाता है। जैसे-तैसे परिवार का पेट पाल रहे इन हजारों लोगों की गुरुवार से भूख-प्यास सब उड़ी हुई है। इन्हें यहां से हटाने के लिए विभाग ने मुनादी कराकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। शनिवार की सुबह बस्ती पर जेसीबी चला दी जाएंगी। शनिवार सुबह 10 बजे अधिकारी पूरे इंतजाम के साथ बस्ती पहुंचेंगे। इसके लिए सिविल पुलिस सूचित कर दिया है।

इधर, आरटीआई एक्टिविस्ट वीर बहादुर के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष केंद्रीय राज्यमंत्री डा. राम शंकर कठेरिया के निवास पहुंचे। कठेरिया ने रक्षा संपदा अधिकारी को फोन कर राहत देने की बात कही। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद लोगों ने डीईओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अंत में निराश होकर घर लौट गए।
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पहले भी की गई पुनर्वास की मांग
12 दिसंबर 2012 को तत्कालीन डीईओ ने अभियान चलाकर जमीन को खाली कराया। उन्होंने डीएम से विस्थापित लोगों के पुनर्वास करने लिए पत्र भी लिखा। मगर, अभी तक राज्य सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया है।

हम सुबह 10 बजे लोगों को हटाने के लिए अभियान चलाएंगे। हमारे पास डीजी कार्यालय से ऐसा कोई आदेश नहीं है, जिसमें मकान न तोड़ने की बात कही है। भूमि रक्षा संपदा विभाग की है।
- सुब्रत पाल, रक्षा संपदा अधिकारी

- आगरा सर्किल में रक्षा संपदा की दर्जनों संपत्तियों पर अमीर लोगों के कब्जे हैं, लेकिन अधिकारी की नजर उधर नहीं जाती। रसूख वाले लोगों ने डीईओ बंगलों को तोड़कर आलीशान बंगले बना दिए हैं। मगर, उन्हें एक नोटिस तक नहीं दिया। गरीबों को बिना नोटिस दिए हटाकर विभाग क्या दिखाना चाहता है।
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वीर बहादुर, आरटीआई एक्टिविस्ट
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