सड़कों में गहरे गड्ढे, जगह-जगह धंसीं खोखली सड़कें, गलियों में बहता सीवर, बारिश के बाद भरा पानी और कीचड़ वाली दलदली गलियां। यह तस्वीर है आगरा स्मार्ट सिटी की। आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने यहां 1100 करोड़ रुपये एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) में खर्च किए हैं। शुक्रवार को फतेहाबाद रोड से लेकर नगला मेवाती तक जगह-जगह सड़कों के धंसने और गड्ढों के कारण हादसे हुए, वहीं नवीन आगरा में पंचकुइयां, गढ़ी भदौरिया, बोदला, सिकंदरा, जगदीशपुरा, अलबतिया रोड, अवधपुरी, मारुति एस्टेट में सड़कों के धंसने के कारण गड्ढे हो गए, जहां बारिश के बाद हुए जलभराव में लोग बाल-बाल बचे।
ताजमहल के पास फतेहाबाद रोड से सटा नगला मेवाती, जहां जोनल पार्क की लिंक रोड पर 35 फुट लंबा और 10 फुट गहरा गड्ढा हो गया। पानी की लाइन लीक होने के कारण यहां सीवर लाइन भी धंस गई, जिससे हालात बेहद खराब हो गए। गनीमत रही कि भरभरा कर धंसी सड़क को देखकर लोगों ने शिकायत की तो पानी की निकासी का काम शुरू करा दिया गया, अन्यथा इससे सटे पांच मकानों की नींव भी ढहने का खतरा था। यहां से 18 टैंकर पानी निकाला गया, तब जाकर मरम्मत शुरू हो सकी।
केवल नगला मेवाती नहीं, बल्कि पंचकुइयां चौराहे पर लगातार बारिश के कारण पहले से खोदे गए गड्ढे के पास सड़क धंस गई। इसी तरह बोदला-मारुति एस्टेट रोड का 50 मीटर हिस्सा एक फुट गहरा धंस गया, जहां दोपहर में ही गिट्टियां बिछाई गईं। तीन दिन से हो रही बारिश के कारण जगदीशपुरा, किशोरपुरा, बोदला, नीरव निकुंज, अलबतिया रोड, अवधपुरी, मारुति एस्टेट रोड, कलाकुंज में सड़कें धंसीं और गड्ढे हो गए।
काम हुई गड़बड़ियां
पार्षद मोहन सिंह लोधी ने बताया कि स्मार्ट सिटी के काम के नाम पर गड़बड़ियां हुई हैं। सड़कें बनीं न पानी की लाइनें बिछाने के बाद काम हुआ। नगला मेवाती में सीवर लाइन भी ढह गई। क्षेत्रीय निवासी संकल्प द्विवेदी ने कहा कि सुबह दूध लेने के लिए निकले तो बड़ा गड्ढा देखा। गनीमत रही कि रात के अंधेरे में कोई हादसा नहीं हुआ, अन्यथा कोई वाहन सवार इसमें समा जाता। यह जानलेवा साबित हो सकता था।
मरम्मत करा दी गई शुरू
अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि नगला मेवाती में पानी की पुरानी लाइन लीक होने से सड़क खोखली हुई और जब धंसी तो सीवर लाइन भी धंस गई। इस वजह से गड्ढा ज्यादा बड़ा हो गया। मरम्मत शुरू करा दी गई है। मिट्टी कटान के कारण ज्यादातर गड्ढे हो रहे हैं, जिनमें गिट्टियां भरवा रहे हैं।