लग्जरी वाहन चुराने वाले अंतरराज्यीय गैंग के मास्टरमाइंड शैलेंद्र सिकरवार को थाना हरीपर्वत पुलिस ने मुरैना से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह मैकेनिकल इंजीनियर है और 10 मिनट में लॉक तोड़कर चाबी तैयार कर लेने में माहिर है। पूर्व में पुलिस ने गैंग के सरगना हृदेश भदौरिया और उसके छह साथियों को जेल भेजा था। तब पूछताछ में शैलेंद्र का नाम प्रकाश में आया था। हालांकि इससे गिरफ्तारी के बाद एक भी वाहन बरामद नहीं हुआ है।
गैंग के 15 से ज्यादा सक्रिय सदस्य
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि छह महीने पहले बासौनी के गांव उमरेठा निवासी हृदेश भदौरिया का गैंग पकड़ा गया था। गैंग ने एक साल में आगरा और आसपास जिलों में सौ से अधिक वाहन चुराए थे। करीब 11 वाहन बरामद हुए थे। गैंग में 15 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं। हर सदस्य का काम अलग है। कोई चोरी के लिए वाहन चिह्नित करता है तो लॉक तोड़ता है। चुराने के बाद कागजात तैयार करने से लेकर वाहनों को बेचने तक के अलग-अलग सदस्य हैं।
इन्हें भेजा गया था जेल
हृदेश भदौरिया सहित सात लोगों को जेल भेजा गया था। इसी पूछताछ में मुरैना के गांव गोपालपुरा निवासी शैलेंद्र सिकरवार का नाम सामने आया था। आगरा के दस थानों में दर्ज 26 मुकदमों में उसका नाम खोला गया था। पुलिस टीम ने मुरैना में दबिश देकर बृहस्पतिवार को इसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। शैलेंद्र गैंग का मास्टरमाइंड है।
पूछताछ में मिली जानकारी
पूछताछ में आरोपी ने अपने गैंग के सदस्य हृदेश भदौरिया के अलावा सुरेश, विक्रम, सुनील, प्रदीप सिंह, अरिंदम, विनय, जितेंद्र गुप्ता, अमितेश कुमार उर्फ मोनू, पुष्पेंद्र, सुजान सिंह, प्रदीप भदौरिया, श्रीधर, अजय, राजू गोली और मदन सिंह के नाम बताए हैं। यह यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड के हैं। गैंग फार्च्यूनर, इनोवा, ब्रेजा और क्रेटा जैसे लग्जरी कार चुराता है। गैंग में शामिल प्रदीप भदौरिया सरगना हृदेश भदौरिया से अलग होकर अपना गैंग बना लिया है।
चोरी के वाहनों से होती थी तस्करी
चोरी के वाहन बिहार और झारखंड में बेचे जाते हैं। वाहन से चेसिस और इंजन नंबर मिटा देते हैं। इससे पहचान नहीं हो पाती। फर्जी कागजात तैयार करके बेच देते हैं। चोरी के वाहनों को मादक पदार्थ की तस्करी भी की जाती है। गैंग के खिलाफ वर्ष 2021 में आगरा के थाना हरीपर्वत में तीन, ताजगंज, लोहामंडी, सदर-न्यू आगरा व सिकंदरा में दो-दो, कमला नगर में छह, छत्ता-जगदीशपुरा में एक-एक, शाहगंज में पांच मुकदमे दर्ज हुए हैं।