मैनपुरी। जिले में फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की जड़ें गहरी हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के रडार पर जिले के 15 शिक्षक और आ गए हैं। विभाग ने इनकी गोपनीय जांच शुरू करा दी है। विभाग किसी भी समय इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर सकता है।
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों पर फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने के आरोप वर्षों से लग रहे हैं। पिछले कुछ माह से मिल रही शिकायतों के आधार पर जिले के 15 शिक्षक विभाग के रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार विभाग ने इनकी जांच लगभग पूरी कर ली है। किसी भी समय इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर तलब किया जा सकता है। विभागीय सूत्र बताते हैं इन शिक्षकों पर कार्रवाई लगभग तय है। जिले में फर्जी अंकपत्रों की केवल शिकायतें ही नहीं हो रही हैं जांच में भी फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार छह सालों से जिले में फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आ रहे हैं। एकबार फिर जिले में 15 शिक्षकों की अलग-अलग फर्जी अंकपत्रों के सहारे शिकायतों का मामला सामने आया है। विभाग ने इनकी जांच शुरू करा दी है। माना जा रहा है शीघ्र ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि शिक्षाधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। बीएसए से इस मामले में बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
छह साल में 41 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
पिछले छह साल में हुई जांच के दौरान जिले में 41 शिक्षक फर्जी मिलने के बाद बर्खास्त किए जा चुके हैं। इसमें सबसे अधिक वर्ष 2017 में 31 शिक्षक बर्खास्त किए गए थे। वर्ष 2020 में छह शिक्षकों के अभिलेख मिलने पर फर्जी घोषित कर बर्खास्त किए गए। वहीं वर्ष 2021 में तीन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गईं। वर्ष 2022 में एक शिक्षक फर्जी मिलने पर सेवा से बाहर किया गया।
एसआईटी ने 82 शिक्षकों को फर्जी किया था घोषित
जिले में तैनात 82 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि बाद में वे कोर्ट चले गए और वर्तमान में कोर्ट के आदेश पर जांच पूरी होने तक नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट फैसला आने पर इन शिक्षकों के विरुद्ध किसी भी समय बड़ी कार्रवाई हो सकती है।