आगरा सदर तहसील में बेशकीमती जमीनों के फर्जी बैनामे बनाकर कब्जे करवाने वाले गिरोह के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) पुख्ता सुबूत जुटा रही है। इसके लिए फॉरेंसिक लैब की मदद ली जाएगी। एसआईटी ने अब तक 10 फर्जी बैनामे और जिल्द बही को अपने कब्जे में लिया है। जिल्द, फर्जी बैनामों और रिकाॅर्ड रूम में मौजूद असली बैनामे से संबंधित प्रपत्रों को सोमवार को लैब जांच के लिए भेजेगी।
फतेहाबाद रोड सहित कई स्थानों पर कीमती जमीनों पर कब्जे के खेल का खुलासा पिछले दिनों तहसील सदर में हुआ था। इसके बाद 21 जनवरी को शाहगंज थाने में 11 लोगों के विरुद्ध नामजद केस दर्ज किया। मामले में तहसील के सेवानिवृत्त रिकाॅर्ड कीपर देवदत्त शर्मा समेत पांच लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
गिरोह के मुख्य सरगना एमआईजी इंद्रानगर के प्रशांत शर्मा, राजीव नगर ताजगंज के अजय सिसौदिया को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी थी। फर्जी बैनामों से जमीनों पर कब्जा करने वाले गिरोह में 60 से अधिक लोगाें के शामिल होने का अनुमान है। एसआईटी अब तक 11 फर्जी बैनामों को चिह्नित कर चुकी है। उनसे संबंधित जमीनों का भौतिक सत्यापन कर रही है। साथ ही फर्जी एवं असली बैनामों से संबंधित रिकाॅर्ड को तहसील के रिकाॅर्ड रूम से हासिल कर चुकी है।