एक ही माप की इमारत पर एक जैसा टैक्स आएगा, जबकि अभी शिकायतें मिलती है कि एक माप की दुकानों के टैक्स अलग-अलग हैं। अपर नगर आयुक्त विनोद गुप्ता के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर सॉफ्टवेयर और वेबसाइट के लिए जरूरी बदलाव कर लिए जाएंगे और मई के दूसरे पखवाड़े में यह ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
ऐसे करना होगा आवेदन
नगर निगम की वेबसाइट पर गृहकर पेज पर असेसमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वेबसाइट पर सेल्फ असेसमेंट के आइकॉन पर क्लिक करते ही फॉर्म खुल जाएगा, जिसमें ब्योरा दर्ज करना होगा। मकान की माप भरनी होगी। ऑनलाइन पोर्टल पर ही राशि का निर्धारण हो जाएगा, जिसके बाद निगम के टैक्स इंस्पेक्टर तीन दिन के अंदर गृहकर का सत्यापन करेंगे। तीन दिन तक रिपोर्ट न देने पर यह स्वत: स्वीकृत माना जाएगा।
अब मैनुअल कम, ऑनलाइन ग्राहक ज्यादा
आगरा नगर निगम ने दो साल के अंदर जीआईएस आधारित सर्वे कराया है, इसके बाद ऑनलाइन टैक्स जमा करने, यूपीआई, क्रेडिट, डेबिट कार्ड और पॉस मशीनों से टैक्स जमा करने की सुविधा दी तो टैक्स का आंकड़ा 42 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी लिए नगर निगम इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों के हस्तक्षेप को कम करते हुए गृहकर निर्धारण की ऑनलाइन व्यवस्था करने जा रहा है।
आंकड़ों की नजर से
3.5 लाख घर मिले जीआईएस सर्वे में
88 हजार संपत्तियों से मिल रहा गृहकर
2.6 लाख घरों से टैक्स मिलना बाकी
18 हजार संपत्तियों से ओटीएस में बकाया जमा
70 करोड़ रुपये जमा हुआ गृहकर
किसी अधिकारी से मिलने की जरूरत नहीं
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि अपने गृहकर का असेसमेंट कराने के लिए निगम के किसी अधिकारी से मिलने की जरूरत नहीं होगी। लोग खुद अपना असेसमेंट ऑनलाइन करें। आपत्तियों के लिए तीन दिन का समय हमने दिया है, जिसमें कोई अफसर एक्शन नहीं करेगा तो यह आवेदन स्वीकृत मान लिया जाएगा। लोगों को इससे काफी सुविधा होगी और निगम का हाउस टैक्स देने वालों की संख्या भी बढ़ जाएगी।