आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन में 3 जगहों पर हरे पेड़ काटने के मामलों में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। इसमें कई कानूनों पर बहस हुई। टीटीजेड में पेड़ों की गिनती कराने की मांग पर बहस अधूरी रही, जिस पर 11 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल गुप्ता ने टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीटीजेड में सभी पेड़ों की गिनती कराई जाए ताकि अवैध कटान रुक सके। न्यायमूर्ति अभय एस ओका समेत 2 सदस्यीय बेंच के सामने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल सोलिसीटर जनरल एश्वर्या भाटी ने जुर्माने पर सवाल किया। उन्होंने सीईसी की सिफारिश में पेड़ काटने के लिए तय किए गए जुर्माने को कम करने को कहा।
इस मामले में बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता के साथ सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। आगरा से जुड़े यमुना नदी की सिल्ट हटाने और औद्योगिक इकाइयों पर रोक का मामला भी 11 फरवरी को ही सुना जाएगा।