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Agra News: सड़कों पर दौड़ रही मौत... रोज चार हादसे, दो जिंदगियां हो रहीं खत्म

Sun, 05 Jan 2025 02:51 PM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

सड़क सुरक्षा को लेकर कितने ही दावे क्यों न किए जा रहे हों, लेकिन आंकड़ों में ये खोखले साबित हो रहे हैं। एक्सप्रेस-वे, हाईवे, राजमार्गों से लेकर ग्रामीण मार्ग तक सुरक्षित नहीं हैं। पिछले वर्ष की तुलना में हादसों में इजाफा होने के साथ इनमें जान गंवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सड़कों पर मौत दौड़ रही है। कदम-कदम पर खतरा है। एक्सप्रेस-वे, हाईवे, राजमार्गों से लेकर ग्रामीण मार्ग तक सुरक्षित नहीं हैं। यहां रोज चार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिनमें दो जिंदगियां खत्म हो रही हैं। ये हम नहीं, सड़क सुरक्षा समिति कह रही है। वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में 198 हादसे अधिक हुए हैं। 57 ज्यादा लोगों की मौत भी हुई।
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जिला मार्गों पर सबसे अधिक हादसे 
एडीएम सिटी अनूप कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सर्किट हाउस में की गई। जहां नए साल में 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाने का निर्णय हुआ। सड़क हादसों और मौतों में इजाफा होने पर एडीएम सिटी ने नाराजगी जताई। रोड सेफ्टी एक्शन प्लान, जागरुकता मुहिम चलाने के निर्देश दिए। वर्ष 2023 में जहां 1,025 सड़क दुर्घटनाओं में 529 लोगों की जान गई थी। वहीं वर्ष 2024 में 1,223 दुर्घटनाओं में 586 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 210 सड़क हादसे अन्य जिला मार्गों पर हुए। नेशनल हाईवे पर 137,  ग्रामीण मार्गों पर 115, जिला मार्गों पर 70 और एक्सप्रेस-वे पर 21 हादसे दर्ज हुए हैं।

रोज नियम तोड़ रहे 1343 वाहन चालक
वर्ष 2024 में 4 लाख 90 हजार 267 वाहन चालकों ने नियम तोड़े। इनके विरुद्ध 18,797 चालान परिवहन विभाग और 4,71,470 चालान पुलिस ने किए हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल प्रयोग, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ओवर स्पीड, खतरनाक ढंग से स्टंट और गलत साइड में हादसों को न्योता दिया जा रहा है।
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नियम तोड़ने पर 126 लाइसेंस हुए निरस्त
यातायात नियम तोड़ने पर 2024 में 126 लाइसेंस निरस्त हुए हैं। एडीएम सिटी अनूप कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारियां बैठाने पर प्रतिबंध है। उल्लंघन पर वाहन चालको को दंडित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने 65 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। रोड सर्वे, सेफ्टी प्लान तैयार कर पुलिस व परिवहन को समन्वय से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

यहां करें फोन
सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था लागू है। आकस्मिक स्थिति में कोई भी व्यक्ति ग्रीन कॉरिडोर के लिए 9454457886 ट्रोल फ्री कंट्रोल रूम नंबर पर संपर्क कर सकता है। पिछले साल गोल्डन ऑवर में दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने के लिए दो नागरिकों को पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार मिला है।
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