फिरोजाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने शनिवार सुबह सरकारी ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। वो कई दिनों से बीमार था। उसे बुखार और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने पहले तो उसका सैंपल नहीं लिया। मौत के बाद उसका सैंपल जांच के लिए भेजा, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
उधर, संविदाकर्मी की मौत की जानकारी मिलने पर अन्य स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया। संविदा कर्मियों की कोरोना जांच कराने के साथ ही अन्य मांगें सीएमओ के सामने रखीं। सीएमओ ने कोरोना से बचाव के सभी बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया।
कई दिनों से था बीमार
सीएमओ कार्यालय के कोविड-19 सेल में कंप्यूटर ऑपरेटर अपूर्व शर्मा की ड्यूटी थी। कई दिनों से उसको बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी। साथी स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, अपूर्व ने पैरासीटामोल की गोली खाना शुरू कर दी थी।
20 मई को ड्यूटी के दौरान अपूर्व की तबीयत अधिक खराब हुई तो वो स्टोर में दवा लेने गया, लेकिन स्टोर में बिना सीएमओ की अनुमति के दवा देने से कर्मचारी ने इनकार कर दिया। अपूर्व ने बाहर से दवा लेकर खाना शुरू कर दिया।
इसके बाद अपूर्व ने कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा, लेकिन उसकी जांच नहीं कराई गई। शनिवार सुबह अपूर्व की तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई, लेकिन कुछ ही देर में अपूर्व ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उसके मृत शरीर से कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। जिसकी रिपोर्ट आने पर पता चला की वह कोरोना संक्रमित था।
तीन माह पूर्व हुआ था स्वास्थ्य कर्मी का विवाह
कंप्यूटर ऑपरेटर अपूर्व का विवाह तीन माह पूर्व फरवरी माह में हुआ था। उसकी मौत के बाद कोहराम मच गया। स्वास्थ्य कर्मी भी मृतक अपूर्व के घर पहुंचे।
कोरोना के लक्षण के बाद भी जांच न कराने का आरोप
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सीएमओ को ज्ञापन देकर कहा कि एनयूएचएम के चिकित्सक में कोरोना के लक्षण होने के बाद भी जांच नहीं कराई है। चिकित्सक के संपर्क में आए कर्मचारियों की भी जांच नहीं कराई गई और न ही सैंपल लिए गए। यह भी बड़ी लापरवाही है।
सीएमओ डॉ एसके दीक्षित ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी की मृत्यु हुई है। यह दुखद घटना है। हम मृत्यु के कारण का पता लगा रहे हैं। उसका सैंपल लिया गया है। संविदा कर्मी के संपर्क में आए अन्य स्टाफ की कोरोना जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैंपल लिए जा रहे हैं। किसी भी संदिग्ध का सैंपल में देरी नहीं करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है।