फिरोजाबाद के जिला अस्पताल में 24 घंटे में एक और बालक की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का यह आरोप था कि बुलाने पर डॉक्टर नहीं आए थे।
वहीं कंपाउंडर को बुलाते रहे लेकिन वो मोबाइल में व्यस्त रहा। इसके कारण बेटे की मौत हुई। परिजनों के हंगामे करने की सूचना पर पुलिस फोर्स के साथ सीएमएस पहुंचे। सीएमएस ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
थाना रामगढ़ सैलई पंचशील स्कूल के पास निवासी अनिल के सात वर्षीय अमित की रविवार शाम को तबीयत खराब हो गई थी। उल्टी-दस्त होने के कारण सरकारी ट्रामा सेंटर में लाए यहां से आरसीएच वार्ड में भर्ती कराया था।
अस्पताल में हंगामा
सोमवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे अमित की मौत हो गई। उसकी मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे का उपचार चिकित्सक ने सही ढंग से नहीं किया।
रात में चिकित्सक देखने नहीं आए थे। कंपाउंडर को उपचार करने के लिए कई बार बुलाने गए लेकिन उसने अनसुनी कर दी। सूचना पाकर सीएमएस डॉ. आरके पांडेय, डा. आलोक कुमार, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आरए शर्मा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बालक की नब्ज देखने के साथ परिजनों को घर ले जाने की सलाह दी। स्टाफ को भी बुलाकर फटकार लगाई। इसके बाद परिजन बालक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बजाय सीधे घर ले गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तर रवींद्र दुबे ने कहा कि जिला अस्पताल के आरसीएच वार्ड में बालक की मौत होने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली। यदि कोई शिकायत आएगी तो मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएस डॉ आरके पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल के आरसीएच वार्ड में सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। इसे लेकर परिजनों को नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार से शिकायत थी। डॉ. आलोक को जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।