अप्रैल-मई के बाद सितंबर में कोरोना से राहत रही, लेकिन वायरल ने कई मासूमों की जान ले ली। बीते साल सितंबर में कोरोना के मुकाबले इस साल सितंबर में डेंगू-वायरल से दोगुने से अधिक मरीजों की मौत हुई है।
साल 2020 के सितंबर में कोरोना वायरस के 2808 लोग संक्रमित हुए थे, इसमें से 23 मरीजों की मौत हो गई थी। दूसरी लहर में कोरोना वायरस से सितंबर में एक भी मौत नहीं है, लेकिन डेंगू-वायरल बुखार जानलेवा साबित हुआ। साल 2020 के सितंबर में 48 मरीजों की मौत हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू से सिर्फ एक मरीज की ही मौत हुई है। मरने वालों में सबसे ज्यादा बच्चे शामिल रहे। इनकी संख्या करीब 42 है। सबसे ज्यादा पिनाहट में 17 मरीजों की मौत हुई, बरहन क्षेत्र में 13, शहर में चार इसके अलावा बाह, शमसाबाद, फतेहपुर सीकरी के मृतक रहे। अक्तूबर में भी बुखार से मरने वालों की संख्या थमी नहीं है।
देहात में ज्यादा लोगों की मौत
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव के अनुसार इस बार जलभराव अधिक होने से मच्छरों का प्रकोप अधिक रहा। एंटी लार्वा छिड़काव लगातार कराए जाने के बावजूद गांवों में खासतौर से बाह-पिनाहट क्षेत्र में बुखार से मौत के मामले अधिक रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में शिविर लगाकर इलाज दे रही हैं। साफ-सफाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन जानलेवा
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि आगरा-फिरोजाबाद में सितंबर में डेंगू-वायरल बुखार का कहर रहा। डेंगू के मरीजों के नमूनों की सीरो टाइपिंग में डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन की पुष्टि हुई। यह डेंगू के अन्य तीन सीरोटाइप डेन-1, डेन-3 और डेन-4 से ज्यादा खतरनाक है। इसके चलते भी मौत का औसत बढ़ा।
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