राहगीर ने पीआरवी की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां छह जून की सुबह उसकी मौत हो गई। नियमानुसार जिला अस्पताल के आपात कक्ष द्वारा कोतवाली में इसकी सूचना भिजवाई भी गई, जिसे कोतवाली के मुंशी ने रिसीव भी किया लेकिन शव का पंचनामा भरने पुलिस नहीं आई।
कोतवाली पुलिस ने वृंदावन पुलिस को सूचना भी नहीं दी। शुक्रवार को एक बार फिर से जिला अस्पताल को दूसरा रिमाइंडर इसी शव के पंचनामे के लिए शहर कोतवाली भेजना पड़ा। थाना कोतवाली में भी इस मामले को लेकर खलबली मच गई। मथुरा कोतवाली पुलिस ने मीमो भरकर वृंदावन कोतवाली भेजा।
सीएमएस डॉ आरएस मौर्य ने बताया कि जिला अस्पताल प्रशासन ने छह जून को ही पुलिस को व्यक्ति की मौत की सूचना भेजकर पंचनामा की कार्रवाई करने के लिए कहा था। इसके बाद दोबारा रिमाइंडर भेजकर पुलिस को याद दिलाया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।
मृतक छत्तीसगढ़ का रहने वाला गनपत है। शिनाख्त होने के बाद भी पुलिस ने उसके परिवार वालों को सूचना नहीं दी गई। इस मामले में जिला अस्पताल, शहर कोतवाली, वृंदावन कोतवाली और पीआरवी की सीधे तौर पर लापरवाही मानी जा रही है।
वृंदावन कोतवाल संजीव दुबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ के व्यक्ति की मौत के संबंध में हमें मथुरा कोतवाली पुलिस ने जानकारी नहीं दी, शुक्रवार को जानकारी मिलने पर दरोगा को शव का पंचनामा भरने के लिए भेजा है। मृतक के परिजनों को जल्द सूचना दी जाएगी।
उधर, शहर कोतवाल अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि उक्त मामले की जानकारी नहीं है। थाने के स्टाफ से जानकारी करने के बाद ही कुछ बता सकता हूं।
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