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UP: दिव्यांग बेटी की जहर देकर की हत्या, फिर फंदे पर झूल गया पिता; जांच में सामने आई ये बात

Fri, 29 Nov 2024 10:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में एक जूता कारीगर ने अपनी दिव्यांग बेटी को जहर देकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वो खुद रसोई में जाकर फंदे पर लटक गया। भाई जब घर पहुंचा तो दोनों की लाशें देख होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
 
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बेटी का फाइल फोटो और जांच करने पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के कटरा वजीर खां में बृहस्पतिवार रात को जूता कारीगर ने दिव्यांग बेटी को खाने में जहर देने के बाद खुद फंदा लगाकर जान दे दी। शुक्रवार को बेटी का शव कमरे में बेड पर तो पिता का रसोई में फंदे से लटका मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया इसकी वजह आर्थिक तंगी और नौकरी छूटने को मान रही है।
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कटरा वजीर खां निवासी चंद्रप्रकाश जूता कारीगर थे। परिजन ने पुलिस को बताया कि चंद्रप्रकाश की पत्नी रेखा की मार्च 2022 में मृत्यु हो गई थी। वह इकलौती बेटी खुशी के साथ भूतल पर मकान में रहते थे। बेटी पैरों से दिव्यांग थी। प्रथम तल पर उनके बड़े भाई इंद्रजीत परिवार सहित रहते हैं। वह दिल्ली की एक निजी कंपनी से तीन वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी पत्नी और बच्चे दिल्ली में रहते हैं।

शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे इंद्रजीत भाई चंद्रप्रकाश को चाय देने उनके कमरे में आए। भतीजी खुशी बेड पर पड़ी थी। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। वह चीख पड़े। खुशी के शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर वह रसोई में गए तो चंद्रप्रकाश फंदे से लटके थे। सांसें थम चुकी थीं। चीख सुनकर आसपास के लोग और पुलिस आ गई। पुलिस ने कमरे और रसोई की तलाशी ली। जानकारी पर दिवंगत पत्नी रेखा के भाई सुनील व अन्य परिजन भी पहुंच गए।

 

रसोई में मिली जहर की पुड़िया, जांच
थाना प्रभारी ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। रसोई में एक पुड़िया में कुछ पाउडर था, जिसे फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में लिया है। आशंका है कि रात में इंद्रजीत ने खाने में विषाक्त पदार्थ मिलाया। बेटी को खिलाने के बाद खुद आत्महत्या कर ली। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में चंद्रप्रकाश की माैत का कारण फांसी आया है। खुशी का विसरा प्रिजर्व किया गया है।
 

दिव्यांग बेटी का बने थे सहारा
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय को इंद्रजीत ने बताया कि भतीजी खुशी को चलने के लिए सहारा लेना पड़ता था। पत्नी की माैत के बाद बेटी के सभी काम वही करते थे। उसकी देखभाल के लिए ही डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने दिल्ली की सीमा से दूसरी शादी की थी। आठ महीने पहले चंद्रप्रकाश की नौकरी छूट गई। काफी प्रयास के बाद भी काम नहीं मिल पा रहा था। इससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। कुछ दिन पहले पत्नी सीमा मायके चली गई थी।

 
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जांच की जा रही
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि परिजन और आसपास के लोगों से बातचीत की गई। जूता कारीगर नाैकरी छूटने से परेशान थे। वहीं बेटी की देखभाल को लेकर भी तनाव में थे। दूसरी शादी की थी। कुछ दिन पहले पत्नी मायके चली गई थी। प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि बेटी को विषाक्त पदार्थ खिलाने के बाद आत्महत्या की है। जांच की जा रही है।
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