सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम गृह पर शव बदल गया। परिजन पोस्टमार्टम के बाद बिना देखे शव को लेकर घर चले गए थे। वहां जाकर देखा तो पता चला कि विष्णु की जगह लाश किसी और की दे दी है।
मध्य प्रदेश के गुना के विष्णु का शव बुधवार को पोस्टमार्टम गृह पर बदल दिया गया था। परिजन घर से शव वापस ले आए। रात डेढ़ बजे पोस्टमार्टम के बाद विष्णु का शव उन्हें मिला। तब वो बृहस्पतिवार तड़के अंतिम संस्कार कर सके। कर्मचारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई है।
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गुना स्थित थाना बजरंगगढ़ क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय विष्णु उर्फ प्रियभान की पिकअप मंगलवार तड़के चार बजे सैंया क्षेत्र में पेड़ से टकरा गई थी। विष्णु की मौत हो गई थी। बुधवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शाम को परिजन को शव दे दिया। वह उसे लेकर गुना पहुंचे। चेहरा देखने के लिए सील खोला तो पता चला कि शव किसी और का है। वह वापस आए।
सैंया पुलिस से शिकायत की। इस पर जो शव लेकर गए थे, उसे पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया गया। शव एत्मादपुर में मिले अज्ञात व्यक्ति का था। विष्णु के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। रात 1:30 बजे पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव ले गए और सुबह अंतिम संस्कार किया।
पोस्टमार्टम तो हो गया, अंतिम संस्कार रुका
उधर, विष्णु के शव के बदले पोस्टमार्टम गृह से जिस युवक का शव दिया गया था, उसको वापस रखवा दिया गया। शव चार जुलाई की रात एत्मादपुर में छलेसर स्थित रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर मिला था। थाना प्रभारी विजय विक्रम सिंह ने बताया कि उम्र 35 वर्ष थी। नीली जींस, काली बेल्ट व बनियान पहने था। डाॅक्टर ने पोस्टमार्टम कर दिया, जबकि अज्ञात का पोस्टमार्टम 72 घंटे बाद होना चाहिए। अब पोस्टमार्टम हो चुका है। मगर, अंतिम संस्कार नहीं किया गया। 72 घंटे तक पुलिस शिनाख्त करने वालों का इंतजार करेगी।
परिजन शव ले गए
एसीपी सैंया पियूषकांत ने बताया कि पोस्टमार्टम गृह में डाॅक्टर और कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। शव को सील करके सौंपा जाता है। पुलिसकर्मी बाहर मौजूद रहते हैं। देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव ले गए।
सीएमओ डाॅ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि शव बदलने के मामले में एसीएमओ डाॅ. पियूष जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। शव को गृह में रखने और परिजन के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी पुलिसकर्मी की होती है।