कासगंज। नियुक्ति में नियमों की अनदेखी पर कासगंज के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि शासन की संस्तुति पर जिले में नियुक्त किए गए चार भूतपूर्व सैनिकों को बिना प्रशिक्षण और बिना दस्तावेजों की जांच के नियम विरुद्ध तैनाती दे दी। डीडीओ के निलंबन की जानकारी के बाद विकास विभाग में हड़कंप है। अधिकारी नियुक्ति से संबंधित पूरी जानकारी जुटा रहे हैं।
दो साल पहले विकास विभाग में ग्राम्य विकास अधिकारी पद पर नियुक्तियां हुईं थीं। सरकार ने पूरे प्रदेश में 15 भूतपूर्व सैनिकों को इन नियुक्तियों में तैनाती देने की संस्तुति की थी। जिनमें चार भूतपूर्व सैनिक जिले में नियुक्त किए गए। इनमें से तीन भूतपूर्व सैनिकों ने ग्राम्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था। मौजूदा जिला विकास अधिकारी एसएन श्रीवास्तव ही उस समय जिले में जिला विकास अधिकारी थे। नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी शिकायत जब शासन को मिली तो इस पर मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से जांच शुरू करा दी। जिसमें अब शासन की टीम ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी। सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा डीडीओ पर की गई कार्रवाई की जानकारी जिला प्रशासन को मिल गई है।
हमने सिर्फ आदेशों का पालन किया
अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा ग्राम्य विकास अधिकारियों की नियुक्ति की गई। ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त के आदेशों के अनुपालन में ग्राम्य विकास अधिकारियों को तैनाती दी गई थी। शासन स्तर पर हम अपना स्पष्ट पक्ष रखेंगे
- एसएन श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी।
देख रहे हैं दस्तावेज
डीडीओ के निलंबन की जानकारी शासन से मिल चुकी है। भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति से संबंधित सभी दस्तावेज देखे जा रहे हैं। अन्य ग्राम्य विकास अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में भी जानकारी कर रहे हैं।
- तेज प्रताप मिश्र, सीडीओ।