प्रो. आशु रानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार से समर्थ पोर्टल के माध्यम से शुरू कर दी। कुलपति प्रो. आशु रानी ने स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित गेस्ट हाउस में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी औपचारिक घोषणा की।
विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों, विभागों और संबद्ध 572 महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण करा सकेंगे। खास बात यह है कि छात्र मात्र 400 रुपये के शुल्क पर 50 अलग-अलग पाठ्यक्रमों और कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकेंगे। विद्यार्थी आवेदन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर और कॉलेजों का चयन भी स्वयं कर पाएंगे। कुलपति ने बताया कि समर्थ पोर्टल पर सभी पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी, न्यूनतम पात्रता और प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध करा दिए गए हैं। विद्यार्थियों को आवेदन से पहले अपार आईडी पूरी करनी होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सहायता के लिए आधिकारिक वीडियो लिंक जारी किया है, जिससे छात्र आवेदन प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें। किसी भी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन ई-मेल आईडी samarthdbrau@gmail.com भी जारी की गई है।
प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों से आवेदन स्वयं भरने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे नाम, स्पेलिंग, फोटो या अन्य विवरण में गलती की संभावना कम होगी। साथ ही विद्यार्थियों से वर्तमान समय का फोटोग्राफ अपलोड करने को भी कहा। बैठक में कुलसचिव अजय मिश्रा, डीन एकेडमिक प्रो. मनु प्रताप, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश, पूजा सक्सेना, तरुण श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
इस सत्र से विश्वविद्यालय ने रोजगारपरक (एईडीपी) के छह नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। कुलपति ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के लिए कौशल और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले वर्ष भी विश्वविद्यालय ने छह नए पाठ्यक्रम शुरू किए थे।
विदेश से भी बढ़ा विवि का आकर्षण
विश्वविद्यालय में नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और अफ्रीकी देशों से लगभग 50 विदेशी विद्यार्थियों ने पूर्णकालिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है। वहीं रूस और यूक्रेन के विद्यार्थी शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए लगातार विश्वविद्यालय आ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विदेशी विद्यार्थियों के लिए आवास और अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था का दावा किया है।