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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम में फिर किया गया बदलाव

Mon, 26 Jul 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

टीजीटी की परीक्षा की वजह से बीए के कुछ प्रश्नपत्रों के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कराई जा रही मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम में फिर से बदलाव किया गया है। बीए के कुछ विषयों के प्रश्नपत्र एक ही पाली में पड़ने और टीजीटी की परीक्षा की वजह से संशोधित कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। 

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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर के मुताबिक बीए द्वितीय वर्ष के दर्शनशास्त्र और संगीत वोकल, इंस्ट्रुमेंटल (स्ट्रिंग, सितार) की परीक्षा दो अगस्त को एक ही पाली में थी। वहीं, सात अगस्त को टीजीटी की परीक्षा प्रस्तावित होने से सभी पाली की परास्नातक परीक्षाएं हटा दी गई हैं। 

अब इन परीक्षाओं को संशोधित कार्यक्रम के अनुरूप कराया जाएगा। परीक्षा समिति के निर्णय के अनुरूप महज बीए, बीएससी, बीकॉम और बीकॉम वोकेशनल के द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों की राष्ट्र गौरव और पर्यावरण अध्ययन की परीक्षाएं कराई जाएंगी। 

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विशेष परीक्षा की तैयारी में जुटा विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गए छात्रों के लिए विशेष परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। तमाम छात्र परीक्षा फॉर्म भर नहीं पाए थे। परीक्षा समिति के निर्णय के बाद इनकी परीक्षा 14 अगस्त को मुख्य परीक्षा खत्म होने के बाद कराई जानी है। इसके लिए विश्वविद्यालय को फिर से पूरी तैयारी करनी होगी। नए सिरे से प्रश्नपत्र तैयार करने होंगे। 

विशेष परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या भले ही अपेक्षाकृत कम होगी, लेकिन प्रक्रिया पूरी अपनानी होगी। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन का खर्च भी बढ़ जाएगा। सभी पाठ्यक्रमों के विभिन्न वर्षों के छात्रों के प्रश्नपत्र फिर से बनवाने होंगे। उनको छपवाना होगा। परीक्षा का कार्यक्रम तैयार करने के साथ केंद्रों का भी निर्धारण करना होगा। 

छात्र संगठनों के अनुसार यदि इन छात्रों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दे दिया जाता तो विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सब न करना पड़ा। खर्च भी बच जाता। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए वंचित छात्रों के परीक्षा फॉर्म नहीं भरवाए गए। अब छात्र हित में परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है। 
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