1432067 लड़के हैं जिले में 0 से 25 वर्ष तक के
1194684 लड़कियां हैं सैंपल सर्वे रिपोर्ट के अनुसार
939875 पुरुष हैं शहर में 2011 की जनगणना में
820410 महिलाएं हैं, पुरुषों से लगभग एक लाख कम
859 महिलाएं थी 1000 पुरुषों पर 2011 के जनगणना के अनुसार
838 महिलाएं पाई गईं 2015 में कराए गए सैंपल सर्वे के अनुसार।
ताजनगरी की एक बड़ी ही शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। लिंगानुपात की ताजा रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि जनपद में 0 से 25 साल तक के लड़कों के मुकाबले लड़कियां दो लाख 27 हजार 379 कम हैं। जाहिर है कन्याओं का कोख में कत्ल किया जा रहा है। भ्रूण लिंग परीक्षण के रैकेट का खुलासा तो यहां कई बार हो चुका है। 2015 के सैंपल रजिस्ट्रेशन के तथ्यों से बिगड़ते लिंगानुपात की यह डरावनी तस्वीर सामने आई है। 0 से 25 वर्ष तक की जिले की आबादी 26 लाख 26 हजार 747 है। इनमें से पुरुष हैं 14 लाख 32 हजार 67 जबकि महिलाएं हैं 11 लाख 94 हजार 684। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या दो लाख 37 हजार 379 कम है। पूरे प्रदेश में इतना अंतर कहीं और नहीं है।
दूसरे नंबर पर गाजियाबाद है जहां का आंकड़ा दो लाख पांच हजार 242 है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 1000 लड़कों पर 838 लड़कियां हैं। 2011 की जनगणना में 859 मिली थीं। लिंगानुपात सुधरने के बजाय और बिगड़ गया है। खास बात यह है कि सैंपल सर्वे रिपोर्ट उस समय आई है जब प्री कन्सेप्शन एंड प्री डायग्नोस्टिक टेक्निक एक्ट ( पीसीपीएनडीटी) में बदलाव की मांग उठ रही है।
भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले
- संजय प्लेस में पिछले साल अल्ट्रासाउंड सेंटर से एजेंट पकड़ा गया। पता चला कि लड़के को गणेश और लड़की को लक्ष्मी बताकर रिपोर्ट दी जा रही थी।
- गोकुलपुरा में दो महीने पहले लिंग भ्रूण परीक्षण के आरोप में डा. अमित गुप्ता का अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किया गया। डाक्टर की गिरफ्तारी हुई।
- पिछले महीने मथुरा में अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किया गया। वहां भी आगरा से महिलाएं जाती थीं भ्रूण का लिंग परीक्षण कराने के लिए।
अफसरों की मेहरबानी से चल रहा परीक्षण
आरटीआई एक्टिविस्ट एसएच जाफरी का कहना है कि चार सील किए गए अल्ट्रासाउंड सेंटरों से तत्कालीन सीएमओ ने अपने स्तर से सील हटवा दी जबकि यह मामला पीसीपीएनडीटी के तहत बनी कमेटी के सामने रखना था। फैसला लेने का अधिकार डीएम को है। इन चारों सेंटर पर पोर्टेबल मशीन मिली थी, जिसका प्रयोग क्लीनिक में किया जाता है। इस पर हाईकोर्ट में याचिका की गई है। जाफरी कहते हैं कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ऐसी मेहरबानी के चलते लिंग परीक्षण रुक नहीं पा रहा।