बाह: ऑल इंडिया 444 वीं रैंक हासिल करने वाली डॉ. पारुल
बाह। 8 साल पहले बाह के रहने वाले औरैया में पदस्थ इंस्पेक्टर ब्रजमोहन की कैंसर से जान चली गई थी। वह अपनी बेटी पारुल को डॉक्टर बनाना चाहते थे। शुक्रवार को जारी हुए अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (एआईपीजीईटी) में पारुल ने ऑल इंडिया 444वीं रैंक हासिल की है, जबकि अपनी कैटेगरी में 17 वीं रैंक मिली है।
प्रयागराज के लाल बहादुर शास्त्री आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में अंडर ग्रेजुएट (बीएएमएस) पोस्टेड रही डॉ. पारुल ने बताया 2018 में पिता ब्रजमोहन काे कैंसर ने परिवार से छीना था। पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। उसने पिता के सपने को सिद्ध करने का संकल्प लिया था। सपना पूरा करने के लिए मां शशि साये की तरह उनके साथ रहीं। बताया कि अपने चिकित्सीय दायित्व से कमजोर तबके की सेहत सुधारने का प्रयास रहेगा। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कैप्टन रामनरेश कठेरिया की भतीजी डॉ. पारुल की उपलब्धि पर लोग घर पर बधाई देने पहुंच रहे हैं। बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने भी बधाई देते हुए कहा है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।