मैनपुरी। जिले में फर्जी अंक पत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों का विभाग ने गोपनीय जांच के बाद डाटा खंगाल लिया है। विभाग इन पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो करीब आधा दर्जन शिक्षक गोपनीय जांच के बाद कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। विभाग ने इन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों पर फर्जी अंक पत्रों के सहारे नौकर हासिल करने के आरोप वर्षों से लगते आ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से मिल रही शिकायतों के आधार पर जिले में 15 शिक्षकों की विभाग ने जांच कराई थी। इनमें छह शिक्षक कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग ने इनकी जांच लगभग पूरी कर ली है। किसी भी समय इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर तलब किया जा सकता है। विभागीय सूत्र बताते हैं इन शिक्षकों पर कार्रवाई लगभग तय हो गई है। जिले में फर्जी अंक पत्रों की केवल शिकायतें ही नहीं हो रही हैं जांच में भी फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार पिछले छह सालों से लगातार जिले में फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आ रहे हैं। जांच के बाद उन पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हो रही है। एक बार फिर जिले में छह शिक्षकों की अलग-अलग फर्जी अंक पत्रों के सहारे शिकायतों का मामला सामने आया है। विभाग ने इनकी गोपनीय जांच कराई है। माना जा रहा है शीघ्र ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि शिक्षाधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। बीएसए से इस मामले में बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
-
छह साल में 41 शिक्षकों की सेवा हो चुकी है समाप्त
पिछले छह साल में हुई जांच के दौरान जिले में 41 शिक्षक फर्जी मिले, जिनकी सेवा समाप्त हो चुकी है। इसमें सबसे अधिक वर्ष 2017 में 31 शिक्षक बर्खास्त किए गए थे। वर्ष 2020 में छह शिक्षकों के अभिलेख मिलने पर फर्जी घोषित कर बर्खास्त किए गए। वहीं वर्ष 2021 में तीन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गईं। वर्ष 2022 में एक शिक्षक फर्जी मिलने पर सेवा से बाहर किया गया।
82 शिक्षक कोर्ट के अधीन कर रहे हैं नौकरी
जिले में तैनात 82 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि बाद में वे कोर्ट चले गए और वर्तमान में कोर्ट के आदेश पर जांच पूरी होने तक नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट फैसला आने पर इन शिक्षकों के विरुद्ध किसी भी समय बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
-
शिकायत के आधार पर कुछ शिक्षकों की जांच चल रही है। जांच में फर्जी पाए जाने वालों को सेवा से बाहर किया जाएगा।
-दीपिका गुप्ता, बीएसए