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दरोगा पुत्र का सवालः पिता ने आत्महत्या की, तो तीन गोली कैसे मार लीं

Tue, 02 Oct 2018 08:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टूंडला (फिरोजाबाद)
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ग्रामीण की भीड़। इनसेट में मृतक दरोगा और रिवाल्वर। - फोटो : अमर उजाला
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टूंडला के केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल की सुरक्षा में तैनात दरोगा तारबाबू तरुण की मौत की वजह पर सवाल खड़े हो गए हैं। दरोगा के पुत्र ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है। उसने कई तर्कों के आधार पर अपनी बात पुष्टि करने की कोशिश की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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मृतक दरोगा के बड़े बेटे हीरेंद्र ने कहा कि पापा ने आत्महत्या नहीं की। उनकी हत्या हुई है। पापा के साथियों ने बताया है कि तीन गोलियां लगी हैं। आत्महत्या करने वाला खुद को तीन गोलियां नहीं मार सकता है? बेटे ने कहा कि जब सीओ से बात हुई तो उन्होंने मामले की जांच होने की बात कही है। हीरेंद्र ने कहा उसके पिता आत्महत्या नहीं कर सकते। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

थाना टूंडला के लाइनपार स्थित गांव नगला सोना निवासी तारबाबू तरुण कानपुर देहात में तैनात थे। एक सप्ताह पूर्व उनका फर्रुखाबाद जिले के लिए स्थानांतरण हुआ था। वे छुट्टी पर घर चल गए थे। शुक्रवार को घर से फतेहगढ़ छोटे पुत्र कमल कुमार के साथ गए। शनिवार को पुलिस लाइन फतेहगढ़ में आमद कराई। 
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मंगलवार को उनकी ड्यूटी शाहजहांपुर में थाना हुल्लापुर में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल के काफिले को स्कॉर्ट करने के लिए लगाई गई थी। वे बार्डर पर मंत्री के आने का इंतजार कर रहे थे। तभी उन्होंने सर्विस रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली।

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दरोगा की मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक तारबाबू बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके बच्चों में हीरेंद्र  (35), रंजना (33), उर्वशी (31), धीरेंद्र (28), कमल कुमार (20) और प्रिया (18) शामिल हैं। दो बेटों और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। पत्नी मोहिनी देवी हार्ट पेसेंट होने के कारण परिवार ने अभी तक उन्हें जानकारी नहीं दी है।  
 
फोन पर सुबह तीन बार बात करके बेटी को बर्थडे विश किया 

मंगलवार सुबह दरोगा तारबाबू तरुण की परिवार के सदस्यों से तीन बार बात हुई थी। सबसे पहले सुबह छह बजे के करीब बड़े बेटे हीरेन्द्र के पास फोन आया तो परिवार के सभी सदस्यों के बारे में पूछा कि कौन जाग रहा है? कौन सो रहा है? इसके साथ छोटे बेटे की बाइक ठीक कराने को कहा।

इसके बाद पत्नी मोहिनी से बात कर बीमारी की बात करते हुए समय पर दवा लेने की सलाह दी थी। अंतिम फोन सबसे छोटी बेटी प्रिया के पास सुबह 9.40 बजे आया था। बेटी को उसके जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए घर आने पर उपहार देने का वादा किया था।
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