फोटो17पटियाली के दरियावगंज स्थित गौखुर आद्रभूमि संरक्षण क्षेत्र की झील । संवाद
कासगंज। इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दरियावगंज झील का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
दरियावगंज झील कासगंज का पुराना वेटलैंड एरिया है। मई में मुख्यमंत्री ने दरियावगंज झील का विकास कराने की घोषणा की थी। अब इसके विकास के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। दो फेज में दरियावगंज झील का विकास कराया जाएगा। पहले फेज में प्रवेश द्वार को सुंदर बनाने के साथ टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र भी बनाए जाएंगे। टाॅयलेट ब्लॉक, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था होगी। पहले फेज का सबसे महत्वपूर्ण काम तितली गार्डन का विकास होगा। झील की साइट को विकसित करके पाथ वे बनाया जाएगा और लाइटें लगाई जाएंगी। ऑफिस ब्लॉक, स्टॉफ एरिया भी बनाया जाएगा। पर्यटकों के लिए व्यू प्वाइंट और वोटिंग स्पॉट भी तैयार होगा। प्रथम फेज के कार्य में 19.25 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। वहीं दूसरे फेज में रेस्टाेरेंट, कैफे, साइट डेवलपमेंट, लाइट एंड साउंड, वाटर लेजर शो सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। जिस पर अनुमानित 13.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सर्दियों के मौसम में दरियावगंज झील पर मेहमान परिंदे पहुंचते हैं। नवंबर से फरवरी तक प्रवासी पक्षियों का कलरव झील के सौंदर्य को और बढ़ा देता है। इस इलाके में सारस, बतख, किंगफिशर, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क व अन्य जल पक्षी देखे जाते हैं। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि दरियावगंज झील की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर्यटन विभाग को भेजी गई है। दरियावगंज झील में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए, पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित होंगी।