कासगंज। जिले में किसानों के सामने फिर से डीएपी का संकट पैदा हो गया है। किसान परेशान हैं। वे खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही। इसके चलते आगामी दिनों में होने वाली फसलों की बुवाई की तैयारियां प्रभावित होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है। जिले में रबी की फसल की बुवाई का सीजन चल रहा है। फसल को बोने के लिए डीएपी की आवश्यकता होती है। अभी आलू व मटर की बुवाई पूरी नहीं हो पाई है। वहीं गेहूं की बुवाई का सीजन शुरू हो गया है। जिले में एक लाख हेक्टेयर में फसलें बोई जाती हैं। लेकिन सहकारी समितियों सहित अन्य केंद्रों पर इस समय खाद उपलब्ध नहीं है। किसान कई कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। एक समिति पर खाद नहीं मिलने पर वे दूसरी समिति पर इस उम्मीद के साथ पहुंचते हैं कि शायद वहां खाद मिल जाए, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा मिल रही है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। यदि समय से फसल नहीं बोई जा सकीं तो इसका असर अन्य फसलों पर भी पड़ेगा।