मैनपुरी। डेंगू की जांच के लिए बृहस्पतिवार को भेजे गए नमूने सैफई मेडिकल कॉलेज से लौटा दिए। कॉलेज प्रशासन ने इनकी जांच से साफ मना कर दिया है। इसके बाद अब नमूने स्वास्थ्य भवन लखनऊ स्थित लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट के लिए मरीजों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
करीमगंज में बुखार से बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हैं। बृहस्पतिवार को गांव में जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह व अन्य अफसरों ने निरीक्षण किया था। इस दौरान बुखार से पीड़ित 49 लोगों के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू की जांच कराने के लिए नमूने लिए थे। जिले में डेंगू जांच की व्यवस्था न होने के चलते ये नमूने सैफई मेडिकल कॉलेेेज भेजे गए। लेकिन यहां से ये नमूने बिना जांच किए लौटा दिए गए।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए जांच से साफ मना कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को इन नमूनों को जांच के लिए स्वास्थ्य भवन लखनऊ स्थित लैब भेजे गए। इससे अब मरीजों की रिपोर्ट देर से आ सकेगी। स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर अब चुप्पी साधे हुए हैं।
रिपोर्ट आने में होगी देर
बृहस्पतिवार को करीमगंज में जिन 49 लोगों के नमूने डेंगू जांच के लिए लिए गए हैं, उन्हें बीते दो या तीन दिन से बुखार आ रहा है। नमूने लेने के बाद अगर सैफई में जांच हो जाती तो शुक्रवार दोपहर तक ही रिपोर्ट मिल जाती। डेंगू की पुष्टि होने पर उनका उपचार शुरू हो जाता है। लेकिन लखनऊ भेजे गए नमूने शुक्रवार शाम तक पहुंचे। इसके बाद अब जांच रिपोर्ट शनिवार को ही मिलेगी। इस बीच अगर किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो कौन जिम्मेदार होगा।
पहले क्यों नहीं की गई बात
डेंगूू जांच केे लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सवालों में घिरता जा रहा है। एक ओर अब तक जिला अस्पताल में डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है। साथ ही लापरवाही भी की जा रही है। जब सैफई नमूने जांच के लिए भेजे गए तो पहले ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में फोन पर बात क्यों नहीं की। अगर फोन पर बात की होती तो नमूूने सीधे लखनऊ भेज दिए जाते।
सैफई मेडिकल कॉलेज से डेंगू जांच के लिए भेजे गए नमूने वापस कर दिए गए हैं। इन नमूनों को लखनऊ में जांच के लिए भेजा गया है। जल्द ही रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी।
एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।