डॉ. जीएस धर्मेश, राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग
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सदर के मुस्तफा क्वार्टर के नगला काछियान में नगर निगम की टीम और पुलिस ने आबादी के बीच डेयरी चलाने के आरोप में रामशरण को थाना ले जाकर हवालात में डाल दिए जाने से राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश भड़क गए।
वह प्रोटोकॉल तोड़कर खुद थाना सदर पहुंच गए और अफसरों से पूछा कि बगैर एफआईआर के रामशरण को हवालात में क्यों डाल दिया गया? इस पर पुलिस ने राम शरण को छोड़ दिया। क्षेत्राधिकारी सदर विकासजायसवाल ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी योगेश शर्मा टीम लेकर पहुंचे थे। सुल्तानपुरा केपास मुस्तफा क्वार्टर में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता अंकुर शर्मा के घर चार भैंस मिली। निगम की टीम ने कहा कि यहां पशु डेयरी चल रही है। इसका नोटिस दिया जा रहा है।
अंकुर के पिता रामशरण का कहना है कि उन्होंने कहा कि उनके पास नोटिस नहीं आया। इस पर उनका चालान काट दिया गया। आठ हजार रुपये दे दिए। इसके बावजूद निगम की टीम पुलिस को बुलाकर उन्हें दोपहर ढाई बजे सदर बाजार थाना ले गई।
इसकी जानकारी पर राज्यमंत्री जीएस धर्मेश और कई भाजपाई वहां पहुंच गए। वहां हंगामा हो गया। सीओ सदर विवेक जायसवाल से मंत्री ने पूछा कि एफआईआर के बगैर हवालात में क्यों डाला? उन्होंने आरोप लगाया कि रामशरण केसाथ सिपाहियों ने मारपीट की है।
भाजपा कार्यकर्ता के पिता के साथ पुलिस ने मारपीट की, नगर निगम केपशु चिकित्साधिकारी ने भी अभद्रता की, इसकी सूचना पर थाना जाना पड़ा, इस मामले में कार्रवाई कराई जाएगी - डॉ. जीएस धर्मेश, राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग
पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई है। इसे देखा जाएगा। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रामशरण को नगर निगम ने पहले नोटिस जारी कर रखा था - विकास जायसवाल, सीओ सदर