ध्वस्त किया जा सकता है माल रोड का साइकिल ट्रैक
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लाखों रुपये की लागत से माल रोड पर बने साइकिल ट्रैक पर किसी भी दिन बुलडोजर चल सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख को देखते हुए अंदरखाने इसे ध्वस्त करने पर मंथन शुरू हो गया है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान ही इसे रोड में तब्दील किया जा सकता है।
सपा सरकार में माल रोड पर 1.30 करोड़ की लागत से लगभग दो किमी के साइकिल ट्रैक का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। जगह-जगह से टूटे और गंदगी से पटे ट्रैक पर साइकिल तो पैदल तक नहीं चला जा सकता। सीएम योगी की आंखों में भी यह ट्रैक खटकने लगे हैं। ऐसी स्थिति में अब इनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। बता दें कि माल रोड का चौड़ीकरण होना है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से 919 पेड़ों को काटने की अनुमति भी मिल गई है। इनमें से अधिकांश पेड़ साइकिल ट्रैक के बीच में खड़े हैं। इन पेड़ों के हटते ही माल रोड चौड़ीकरण का कार्य शुरू होगा। ऐसे में साइकिल ट्रैक भी हटाया जा सकता है। क्योंकि सड़क चौड़ीकरण में यह अवरोधक बनेगा। मुख्य अभियंता राजन मित्तल का कहना है कि साइकिल ट्रैक के संबंध में फिलहाल कोई निर्देश नहीं हैं। इसको लेकर भविष्य में सरकार के जिस तरह के निर्देश होंगे, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
ट्रैफिक में बन रहा अड़चन
इनररिंग रोड शुरू होने के बाद फतेहाबाद और माल रोड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इसके मद्देनजर प्रतापपुरा चौराहा से इनररिंग रोड तक की सड़क चौड़ी की जानी है। फतेहाबाद रोड पर कोई अड़चन नहीं है। माल रोड के 919 पेड़ और साइकिल ट्रैक की वजह से कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। पेड़ों को काटने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से मिल गई है। साइकिल ट्रैक पर निर्णय सरकार को खुद लेना है।