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साइबर शातिरों का जाल: ठगों का फोन काटा, बैंक में जाकर रकम की एफडी भी करा दी; फिर भी खाते से निकल गए 22.88 लाख

Thu, 08 Oct 2026 08:13 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगी से बचने के लिए बुजुर्ग महिला ने एहतियात बरती। ठगों का फोन काट दिया। खाते में जमा रकम की एफडी करा दी। इसके बाद भी साइबर शातिरों ने खाते से 22 लाख से अधिक की रकम पार कर दी। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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साइबर क्राइम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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साइबर ठगों के शातिर जाल ने सतर्कता को भी मात देना शुरू कर दिया है। एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला साइबर पुलिस के पास पहुंचा। 80 साल के एक बुजुर्ग अधिवक्ता ने पूरी सूझबूझ दिखाते हुए ठगों की फोन कॉल काट दी। अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए खुद बैंक जाकर उसकी फिक्स डिपॉजिट करा दी। इसके बावजूद अपराधियों ने उनके खाते से 22.88 लाख रुपये पार कर दिए।
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रकाबगंज निवासी बुजुर्ग अधिवक्ता का फेडरल बैंक में खाता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 29 सितंबर को उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉलर ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताया। कहा कि आपके खाते पर सब्सिडी की रकम दी जानी है। इसके लिए आपको 12 रुपये का भुगतान करना होगा। उन्होंने एक साल पहले ही अपना पीएनजी कनेक्शन बंद किया था, इसलिए उन्हें शक हो गया। उन्होंने तुरंत कॉल काट दी। अगले दिन अपनी रकम सुरक्षित करने के लिए बैंक गए और बचत खातों में जमा 22.88 लाख रुपये की एफडी करवा दी। लेकिन, 2 अक्टूबर को वह एफडी तुड़वा ली गई। बैंक से संदेश आने पर उन्हें इस बड़ी सेंधमारी की जानकारी मिली।
 
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पुलिस की जांच के बिंदु
एफडी की जानकारी केवल बैंक कर्मचारियों के पास थी। ऐसे में एफडी टूटने और रकम ट्रांसफर होने के पीछे अंदरूनी मिलीभगत की आशंका से से फिलहाल इन्कार नहीं किया जा सकता है। आशंका यह भी है कि बुजुर्ग के मोबाइल में कोई एपीके फाइल डाउनलोड करा दी गई हो, जिससे अपराधियों को रिमोट एक्सेस मिल गया और बैंक के ओटीपी उन तक आसानी से पहुंच गए।

35 हजार बंद कनेक्शन निशाने पर
ग्रीन गैस के नाम पर धोखाधड़ी का यह पहला मामला नहीं है। कंपनी के आगरा में कुल 1.10 लाख कनेक्शन हैं, जिनमें से 75,000 चालू और 35,000 बंद पड़े हैं। साइबर ठग इन्हीं कनेक्शनों का डाटा इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। अब तक 20 से 25 लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।
 
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मीटर अपडेट के नाम पर 5.96 लाख ठगे
कमला नगर निवासी मुकेश कुमार वर्मा का इंडियन बैंक (हाथरस शाखा) में खाता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 3 सितंबर को उनके पास ग्रीन गैस का मीटर अपडेट करने का मैसेज और फिर विनय शर्मा नामक व्यक्ति की कॉल आई। कॉलर ने व्हाट्सएप के जरिये एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर 10 रुपये जमा कराए। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और बिना कोई रिप्लाई दिए ही 4 सितंबर को तीन बार में उनके खाते से 5,96,900 रुपये निकल गए। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है।

मामले में प्राथमिकी दर्ज कर साइबर थाने की टीम ने जांच शुरू कर दी है। देखा जाएगा कि किन खातों में रकम गई। बैंक कर्मियों की भूमिका है या नहीं। अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स और व्हाट्सएप पर आने वाली किसी भी एपीके फाइल से सख्त परहेज करें। थोड़ी सी असावधानी भारी पड़ सकती है। -आदित्य सिंह, डीसीपी साइबर क्राइम
 
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