इन बातों का रखें ध्यान
- जिस पोर्टल का नंबर सर्च कर रहे हैं, उसकी वेबसाइट पर जाकर कांटेक्ट अस या हेल्प टैब पर जाकर संपर्क जरूर करें।
- वेबसाइट को पूरा टाइप करके खोलें।
- ब्राउजर में खुली हुई वेबसाइट का नाम चेक कर लें।
- ब्राउजर में वेबसाइट से पहले एचटीटीपीएस-एचटीटीपी के की-वर्ड चेक कर लें। एचटीटीपीएस वेबसाइट को ही ओपन करें। एचटीटीपी वाली वेबसाइट फर्जी हो सकती है।
- विश्वसनीय वेबसाइट पर अंकित कस्टमर केयर के नंबर पर ही संपर्क करें।
- फोन पर अपनी गोपनीय जानकारी किसी को न दें।
- यदि किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाती है तो उसकी सूचना तत्काल साइबर सेल या साइबर थाने में दें।
सेवानिवृत्त अधिकारी से हो चुकी है ठगी
सिकंदरा निवासी कोल इंडिया के सेवानिवृत्त जनरल मैनेजर आरके सिन्हा के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की गई थी। बीमा पालिसी की समस्या के लिए उन्होंने ग्राहक सेवा का नंबर खोजा था। उन्हें गूगल पर एक नंबर मिला था। इस पर कॉल करने पर ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताया गया। इसके बाद उनसे 1.58 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए गए। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।