फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रेडिंग स्कैम और बैंक फ्रॉड: कारोबारी से 5.13 लाख और महिला से 7 लाख की साइबर ठगी, एक गलती से गंवाई रकम

Wed, 27 May 2026 09:58 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में सोशल मीडिया ट्रेडिंग लिंक और बैंक फ्रॉड के जरिए साइबर ठगों ने कारोबारी से 5.13 लाख और महिला के खाते से 7 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की है और लोगों से अनजान लिंक व कॉल से सतर्क रहने की अपील की है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग एप पर निवेश करने पर रोजाना 20 प्रतिशत मुनाफे के लालच में फंसकर कारोबारी ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने कई बार में 5.13 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ले लिए। एप पर मुनाफा दिखता रहा, लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया तो रकम नहीं दी। पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
विज्ञापन


बरारा गांव निवासी बनवारीलाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिंक पर क्लिक करने के बाद साइबर ठगों ने एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप को 5 पैसा एप से जुड़ा बताया गया। इसके बाद अन्य लिंक भेजकर 5 पैसा का क्लोन एप डाउनलोड कराया गया। आरोपियों ने खुद को शेयर ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताते हुए एप के माध्यम से निवेश करने पर प्रतिदिन 20 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच दिया। इसके बाद एक और ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में रुपये जमा कराने को कहा गया। 30 जनवरी से 24 फरवरी के बीच पीड़ित ने 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5.13 लाख रुपये खातों में ट्रांसफर कर दिए। एप में जमा रकम पर मुनाफा दिखाई देता रहा। इस कारण उनका भरोसा बना रहा। 26 फरवरी को अचानक एप में दिख रही पूरी रकम शून्य हो गई और आरोपियों ने वाट्सएप पर भी संपर्क बंद कर दिया। थाना प्रभारी साइबर क्राइम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।

महिला के खाते से साइबर ठगों ने उड़ाए सात लाख
 कमला नगर के शालीमार एन्क्लेव निवासी महिला के बैंक खाते से 7 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रितु लालवानी ने बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक की हींग की मंडी शाखा में खाता संचालित है। 17 अप्रैल को उनके खाते से दो बार में 4 लाख और 1.50 लाख रुपये और 18 अप्रैल को 1.56 लाख रुपये निकल गए। ठगों ने उनके खाते से जुड़ी ईमेल आईडी भी बिना जानकारी के बदल दी।मोबाइल नंबर बंद होने के कारण उन्हें रकम निकलने की समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। मामले का पता चलने पर उन्होंने बैंक की डिटेल के साथ पुलिस से शिकायत की है। थाना प्रभारी साइबर क्राइम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन


साइबर अपराध से बचाव को रखें ध्यान
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अंजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें। खासकर तब जब कोई आपसे बैंक, बीमा या सरकारी विभाग के नाम पर जानकारी और रकम की मांग करे। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी से साझा न करें। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। केवल आधिकारिक वेबसाइट और एप का ही उपयोग करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी थाने में शिकायत करें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें