ग्रीन गैस के ग्राहकों को निशाना बनाकर हो रही साइबर ठगी रोकने के लिए डीसीपी साइबर अपराध आदित्य कुमार ने पहल की है। उन्होंने ग्रीन गैस लिमिटेड के आगरा प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर ग्राहकों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए कहा है।
डीसीपी आदित्य कुमार ने आशंका जताई है कि साइबर ठगों के पास ग्रीन गैस ग्राहकों का डाटा पहुंच गया है। इसी के आधार पर उपभोक्ताओं को बिल अपडेट या मीटर अपडेट का डर दिखाकर संपर्क कर रहे हैं। वे सीआरएन संख्या देखने या कनेक्शन कटने की धमकी भी देते हैं। ऐसे कई मामलों में लाखों रुपये की ठगी हो चुकी है। साइबर अपराध पोर्टल पर आए दिन शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
ग्रीन गैस लिमिटेड आगरा में घरेलू पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति करती है। यह गेल (इंडिया) लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। डीसीपी ने कंपनी के कर्मचारियों और ग्राहक डेटा तक पहुंच रखने वाले लोगों की जांच करने, डाटा सुरक्षा के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया है।
पत्र में कंपनी को ग्राहक सेवा के माध्यम से ग्राहकों को अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करने की चेतावनी देने के लिए कहा है। बैंक खाते, ओटीपी और डेबिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह भी दी गई है। ग्रीन गैस ने पहले भी बताया है कि वह भुगतान के लिए कार्ड की जानकारी या एप डाउनलोड करने को नहीं कहती। संदिग्ध कॉल आने पर आगरा ग्राहक सेवा नंबर 6390905004 पर इसकी पुष्टि की जा सकती है।