लॉकडाउन में भी साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एमए की छात्रा गुंजन वर्मा के दो खातों में साइबर अपराधियों ने सेंध लगा ली। इसके बाद खातों से 1.58 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित छात्रा ने बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस मामले की शिकायत कर रही है।
लोहामंडी निवासी योगेश वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनकी बेटी गुंजन वर्मा एमए फाइनल की छात्रा है। वह प्राइवेट जॉब भी करती थी। फिलहाल जॉब छोड़ दी है।
उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक में है। दोनों खाते फोन पे पर यूपीआई से लिंक हैं। गुंजन ने बताया कि बुधवार शाम को उसके मोबाइल पर कई संदेश आए। इनमें खातों से रकम निकलने की जानकारी थी।
यह देखकर उन्होंने अपने खाते ब्लाक करा दिए। इसके बाद भी संदेश आते रहे। बाद में खाते का बैलेंस चेक किया। एसबीआई के खाते से 1.25 लाख रुपये और एचडीएफसी बैंक के खाते से 33 हजार रुपये निकल गए।
पीड़िता बृहस्पतिवार को परिजनों के साथ थाना हरीपर्वत पहुंची। यहां से उसे साइबर क्राइम थाना भेजा गया। जहां तहरीर ले ली गई। गुंजन के खातों से होने वाले ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी गई है।
टिकटॉक आईडी बंद होने पर कस्टमर केयर पर किया था कॉल
गुंजन के मुताबिक, उसकी टिकटॉक आईडी है। यह बंद हो गई थी। कुछ दिन पहले गूगल से टिकटॉक का कस्टमर केयर नंबर पता किया था। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि एक दिन में आईडी चालू हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हआ। इस पर उसने दोबारा कॉल कर दिया।
इस पर काल रिसीव करने वाले ने ईमेल पर एक मेल भेजा। इसमें टिकटॉक की समस्या दूर होने और नहीं होने के बारे में क्लिक करना था। गुंजन ने नो पर क्लिक कर दिया। आशंका है कि गुंजन के मोबाइल को लिंक से ही हैक करके फोन पे के खाते की जानकारी लेकर रकम निकाली गई है।
कोरोना को लेकर गलत वेबसाइट से रहें सावधान
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चल रहे लॉकडाउन के बीच गलत वेबसाइट भी शुरू हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसी सात वेबसाइट चिह्नित की है। इन वेबसाइट को खोलने से मना किया जा रहा है। यूपी पुलिस को भी जानकारी भेजी गई है।