सावधान...साइबर अपराधियों ने ठगी का नया हडकंडे का अपनाया है। किसी को रिश्ते का मामा बनकर फोन कर रहे हैं तो किसी को दूर का फूफा। मकसद एक ही रहता है कि खाते की डिटेल हासिल करना। इसके लिए झांसा देते हैं उपहार भेजने का या फिर कैश जमा कराने का।
आगरा में जिला साइबर सेल के पास इस साल आई 280 शिकायतों में से 90 फीसदी ऐसी हैं जिनमें लालच देकर लोगों को फंसाया गया। इस तरह की शिकायतें दिवाली के बाद ज्यादा आई हैं।
नाम लेकर बोलते हैं साइबर अपराधी
साइबर अपराधी ट्रू कॉलर जैसे एप की मदद से उस शख्स का नाम मालूम कर लेते हैं जिसे फोन करना होता है। फोन करते ही परिचित की तरह नाम लेकर बोलते हैं।
केस-1: जीजा बनकर ठगे 20 हजार
गायत्री पब्लिक स्कूल की टीचर चारू शर्मा के पास दिवाली की रात फोन आया। साइबर ठग ने खुद को उनका रिश्ते का जीजा बताकर पैसा भेजने की बात की। इसके लिए खाते की जानकारी ली और 20 हजार रुपये निकाल लिए।
केस-2 : फूफा बनकर दिया उपहार का लालच
शास्त्रीपुरम के परचून दुकानदार राघवेंद्र कुमार के पास एक नवंबर को फोन आया। साइबर ठग ने कहा कि वह रिश्ते का चाचा बोल रहा है भोपाल से। दिवाली के उपहार में कैश भेजना चाहता है, खाते की डिटेल चाहिए। राघवेंद्र समझ गए। फोन काटा और यूपी - 100 को सूचना दे दी।
केस-3 : गुरुजी बनकर दिया 20 हजार के उपहार का लालच
29 अक्तूबर को आवास विकास सेक्टर 11 में मुकुल के पास फोन आया। गुरुजी बोल रहा हूं, पहचाना या नहीं। फिर कहा, तुम्हारे खाते में 20 हजार रुपये भेजने हैं, मेरा परिचित लेने आएगा, खाते की डिटेल दो। मुकुल खेल समझ गया, फोन काट दिया।
फोन पर न दें खाते की जानकारी
1. कोई फोन पर आपके खाते की जानकारी मांगे या एटीएम कार्ड की ,भूल से भी न दें।
2. कोई आपके पास रिक्वेस्ट मनी भेजे तो इसे क्लिक न करें, आपका डाटा उसके पास पहुंच सकता है।
3. सोशल मीडिया पर आने वाले अजाने लिंक को न खोलें, डाटा चोरी हो सकता है।
(जिला साइबर सेल द्वारा जारी सुझाव)