साइबर अपराधी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बना रहे हैं। कोषागार का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर रकम निकाल लेते हैं। रेंज में तीन पुलिसकर्मियों के खाते से रकम निकाले जाने के मामले सामने आए हैं। इस पर आईजी ए सतीश गणेश ने एडवाइजरी जारी की है। व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर भी जानकारी साझा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को जागरूक किया जा रहा है।
अलीगढ़ के एक एचसीपी अक्तूबर में सेवानिवृत्त हुए थे। नवंबर में साइबर अपराधियों ने उन्हें कॉल किया। उन्हें कोषागार का कर्मचारी बताया। पेंशन लाभ दिलाने के नाम पर खातों की जानकारी ले ली। इसके बाद 96 हजार रुपये निकाल लिए।
बुधवार को एचसीपी ने रेंज साइबर थाना में शिकायत की। मामले की जांच के लिए आईजी ए सतीश गणेश ने रेंज थाना पुलिस की एक टीम को लगाया। उन्हें साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कहा है। रेंज में अक्तूबर में 81 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हुए हैं। इनमें से तीन से ठगी की शिकायत की हुई है।
व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कर रहे जागरूक
आईजी ए सतीश गणेश ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधियों से सचेत रहने के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। इसके लिए पुलिसकर्मियों और आईपीएस अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुपों का सहारा लिया जा रहा है। आईजी ने एडीजी स्थापना को भी अवगत कराया है।
आगरा रेंज के अलावा भी अन्य जिलों में ठगी की शिकायत मिली हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों को सचेत किया जा रहा है। व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप पर साइबर अपराधियों से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को विदाई पर ही इस संबंध में सचेत करने के लिए पत्र लिखा है।
यह है तरीका
साइबर अपराधी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को कॉल करते हैं। खुद कोषागार का कर्मचारी बताते हैं। इसके बाद खाता अपडेट करने और पेंशन लाभ दिलाने का झांसा देते हैं। इसके लिए खाते और विभाग से संबंधित जानकारी मांगते हैं। जो खाते की पूरी डिटेल देते हैं, उनके खाते से रकम निकाल लेते हैं। इसके लिए ओटीपी भी पूछते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी करके कहा है कि फोन पर बैंक खाते और विभाग की जानकारी लेने वालों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उनके बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई निजी जानकारी देनी चाहिए। कोषागार की ओर से इस तरह फोन नहीं किया जाता है। अपनी निजी जानकारी कोषागार पर पहुंचकर खुद ही देनी चाहिए। किसी को भी अपना ओटीपी नहीं बताएं। परिचित बनकर कोई अगर, कॉल करता है, रुपये भेजने का झांसा देता है तो समझ जाएं ठगी होनी वाली है। इसलिए उसकी बातों में नहीं आएं।