उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर फोन काट दिया। मोबाइल नंबर मिलाने पर स्विच ऑफ आने लगा। इसकी जानकारी पर पूर्व विधायक ने कंपनी से पता किया, लेकिन नंबर फर्जी निकला। इस पर पुलिस से शिकायत की। मामले में रेंज साइबर थाना में 09 नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक आकाश सिंह का कहना है कि पूर्व विधायक से धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें दो लोगों को नामजद किया गया है। विवेचना की जा रही है। जिन खातों में रकम जमा हुई है, उनकी डिटेल निकलवाई जा रही है।
बीमा पॉलिसी लाभ, लाटरी के झांसे में नहीं आएं
साइबर सेल के एक्सपर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी बीमा पॉलिसी का लाभ दिलाने, लाटरी खुलने, आफर का झांसा देकर भी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। वह कॉल करके कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। इसके बाद लाभ दिलाने के नाम पर रकम की मांग करते हैं। इसलिए ध्यान रखें किसी अंजान व्यक्ति को रकम नहीं दें। अगर, कोई व्यक्ति खाते की जानकारी और ओटीपी पूछता है तो नहीं बताएं। किसी तरह की साइबर ठगी होने पर पुलिस की सहायता लें। साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद थाने में शिकायत करें।
पांच लाख से अधिक की धोखाधड़ी पर रेंज साइबर थाने में कार्रवाई
पुलिस लाइन में दो साल पहले रेंज साइबर थाना बना था। इसमें एक लाख से अधिक के मामले दर्ज किए जाते थे। अब थाना में 5 लाख की धोखाधड़ी पर ही मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इससे कम रकम की साइबर धोखाधड़ी पर साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज किया जाता है।