आप केबीसी देखते थे... आपकी 25 लाख की लॉटरी लगी है... दिए गए मोबाइल नंबर पर बैंक मैनेजर से बात कीजिए...। अगर आपके पास ऐसी कोई कॉल आती है तो सावधान हो जाइए। आपकी जरा सी चूक आपको साइबर अपराध का शिकार बना देगी।
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साइबर अपराधी लॉकडाउन में इस तरह के लालच दे रहे हैं। अमर उजाला संवाददाता के पास भी मोबाइल नंबर +1 (970) 642-5822 से फोन आया। शातिर अपराधी ने लॉटरी का झांसा देकर ठगी का प्रयास किया।
साइबर अपराधी से बाचतीच के अंश
अपराधी : आप केबीसी देखते थे, आपका मोबाइल नंबर लॉटरी के लिए चुना गया है, बधाई हो आपको? रिपोर्टर : कितने की लॉटरी लगी है? यह कैसे मिलेगी? अपराधी : आपको एक कोड बता रहे हैं 36000, इसे लिख लीजिए। अब मोबाइल नंबर 8140452571 लिखिए। इस पर कॉल कीजिए। रिपोर्टर : जी करते हैं, यह किसका नंबर है। अपराधी : यह मुंबई के एक बैंक (प्रमुख बैंक का नाम लेकर) के मैनेजर का नंबर है। रिपोर्टर : उन्हें क्या बताना होगा, वे फोन करेंगे या हमें करना है। अपराधी : लॉटरी आपकी लगी है, आप ही फोन कीजिए। याद करिए, सिर्फ व्हॉट्स एप कॉलिंग करना। उन्हें कोड बता देना।
अपराधी -02 : आप कौन बोल रहे हैं, क्या लॉटरी के लिए फोन किया है। रिपोर्टर : जी हां, उन्होंने (अपराधी ने अपना नाम आकाश बताया था) आपसे बात करने के लिए कहा था। अपराधी 02: कोड बताइए, चेक करता हूं कि आपकी लॉटरी लगी है या नहीं। रिपोर्टर : कोड 36000 है, अब क्या करना होगा? अपराधी 02 : बिल्कुल सही कोड है, आप 25 लाख जीत गए हैं। पांच मिनट बाद फिर से फोन करें। पहला अपराधी : आपकी मैनेजर से बात हो गई, आपने कोड बता दिया। रिपोर्टर : हां, बता दिया, उन्होंने कहा, आप 25 लाख जीत गए। अपराधी : मिठाई बांटिए, इससे पहले फिर से कॉल कीजिए मैनेजर साहब कुछ जानकारी लेंगे चेक बनाने के लिए। रिपोर्टर : जी और क्या जानकारी देनी है? अपराधी 02 : अपना बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड, एक फोटो दीजिए। आपके पास एक लिंक आएगा, उसे खोलकर उसमें जानकारी भर देना।
हमने यह जानकारी एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को दी। उन्होंने बताया कि यह निश्चित रूप से साइबर अपराधी की कॉल होगी। इन दिनों इस तरह का फ्रॉड सबसे ज्यादा चल रहा है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
अपनी कोई जानकारी न दें
एसपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराध से बचने के लिए जरूरी है कि आप बैंक, पिन आदि की कोई जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर आपके पास कोई लिंक भेजता है तो उसे न खोलें। ऐसी कोई कॉल, ई-मेल, एसएमएस आता है तो साइबर सेल को जरूर सूचना दें।
खंदौली के ग्राम पोइया निवासी यशपाल निषाद को शुक्रवार को ठग ने फोन कर बताया कि वह उसका मामा बोल रहा है। वह उसके खाते में पैसे डालेगा इसलिए बैंक का खाता संख्या बता दे। इस पर यशपाल ने अपने चचेरे भाई अरविंद का खाता संख्या और अन्य जानकारी ठग को दे दी।
बाद में अरविंद के मोबाइल पर खाते से 34 हजार रुपये कटने का मैसेज आया तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित ने थाना खंदौली में तहरीर दी है। उसने बताया कि अपराधी इस तरह से बोल रहा था कि उसे लगा कि मामा ही बोल रहे हैं। मामा से बात हुई तो उन्होंने कहा कि फोन ही नहीं किया है।