साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका निकाल लिया है। निशाने पर ऐसे लोग हैं जिन्हें लोन की जरूरत है। शातिर ऐसे लोगों को भी निशाना बना रहे हैं, जिन्होंने लोन लिया ही नहीं है। उनके मोबाइल के इन बाक्स में रिकवरी के मैसेज भेजते हैं। धमकी देते हैं कि अगर रकम का भुगतान नहीं किया तो आपकी फोटो व अन्य डिटेल आपके दोस्तों व रिश्तेदारों को शेयर कर देंगे। उन्हें बताया जाएगा कि वह धोखाधड़ी कर रहे हैं।
साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को मोबाइल फोन एक्सेस की अनुमति लेकर अपने चक्र व्यूह में फंसाते हैं। ग्राहक के मोबाइल के कांटैक्ट, कैमरा, गैलरी, लोकेशन एवं स्टोरेज समेत अन्य फीचर्स का एक्सेस मांगते है। एक्सेस देने से मना करने पर वह लोन देने से मना कर देते हैं। आधार व पैन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज को अपलोड कराते हैं। साथ ही बैंक खाते से जुडी जानकारी, शैक्षिक योग्यता एवं परिवार के सदस्यों की जानकारी ले लेते हैं। जिससे कि ग्राहक पूरी तरह से उनके जाल में फंस जाए।
खाते में कुछ रुपये भेज शुरू होता है खेल
लाखों रुपये के लोन का लालच देकर जालसाज एप डाउनलो़ड करने वाले के खाते में चंद रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। असली खेल एक सप्ताह बाद शुरू होता है। जालसाज ग्राहक को फोन कर लोन का इंटरेस्ट मांगना शुरू कर देते हैं। साथ में धमकी भी देने लगते हैं कि अगर उसने इंटरेस्ट के साथ राशि पर नहीं चुकाया तो उसके दोस्तों और परिवार के सदस्यों के बीच उसकी अश्लील फोटो व वीडियो भेजकर बदनाम कर देंगे।
वीओआइपी और वाट्सएप के जरिए आते हैं फोन काल
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि ज्यादातर फोन काल वीओआइपी और वाट्सएप के जरिए होती हैं। जिसे लोन लेने वाला ग्राहक अपने मोबाइल में रिकार्ड भी नहीं कर सकता है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता ही ठगी से बचाव का एकमात्र उपाय है।