आगरा में कागारौल के नगला हीरा सिंह निवासी निजी स्कूल के शिक्षक परीक्षत सिंह चाहर के खाते से साइबर अपराधी ने 53 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने थाना पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने 13 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़ित ने अपने परिचित की मदद से आरोपी की लोकेशन निकाल ली। यह झारखंड के धनबाद की आई। सोमवार को परीक्षत ने एसएसपी ऑफिस में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
गूगल से ग्राहक सेवा का नंबर लिया
परीक्षत सिंह ने बताया कि 18 दिसंबर 2021 को उन्हें अपने दोस्त को पेटीएम से 5200 रुपये ट्रांसफर करने थे। खाते से पैसा कटने के बावजूद दोस्त को रुपये नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने गूगल से ग्राहक सेवा का नंबर लिया। एक नंबर पर कॉल करने पर जानकारी ले ली गई। बताया गया कि दोबारा कॉल करके रकम खाते में आने के बारे में बताया जाएगा।
22 दिसंबर को परीक्षत के पास कॉल आया।
एप डाउनलोड करा दिया
कॉल करने वाले ने कहा कि ई वालेट कंपनी से बोल रहे हैं। आपके खाते में पैसा वापस किया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करना होगा। उसने उनके मोबाइल पर एप डाउनलोड करा दिया। यह आनलाइन मोबाइल एक्सेस एप था। एप डाउनलोड करने पर परीक्षत का मोबाइल हैंग हो गया। इसके बाद उनके खाते से दो बार में 53 हजार रुपये की शॉपिंग होने की जानकारी हुई। उन्होंने दस मिनट में पुलिस कंट्रोल रूम पर शिकायत की। इसके बाद खाता बंद करा दिया।
13 दिन बाद भी साइबर सेल में नहीं भेजी रिपोर्ट
परीक्षत का आरोप है कि थाना कागारौल में धोखाधड़ी की जानकारी दे दी थी। पुलिस ने शिकायती प्रार्थनापत्र ले लिया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने अपने एक परिचित की मदद से आरोपी की लोकेशन पता की। यह झारखंड के धनबाद की आई। आरोपी का मोबाइल भी अब तक ऑन है। इस बारे में उसने पुलिस को बताया। सोमवार को परीक्षत ने एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की। यहां से उन्हें साइबर सेल भेजा गया। मगर, थाने से 13 दिन बाद भी कोई रिपोर्ट सेल में नहीं भेजी गई थी।
थाना कागारौल के प्रभारी का कहना है कि खाते से रुपये निकलने के मामले में शिकायत मिलने पर संबंधित बैंक से जानकारी मांगी जाती है। इसके बाद जांच के लिए रिपोर्ट साइबर सेल भेज दी जाती है। इस मामले को भी दिखवाया जाएगा।
नहीं करना चाहिए एप डाउनलोड
साइबर सेल पुलिस के मुताबिक, फोन पर कोई भी बैंक खाते से संबंधित जानकारी नहीं लेता है। किसी अंजान व्यक्ति को अपने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नहीं बताने चाहिए। कस्टमर केयर का नंबर आनलाइन नहीं खोजना चाहिए। कस्टमर केयर नंबर की जानकारी अपने पास कंपनी और बैंक के ऑफिस जाकर भी पता की जा सकती है। मोबाइल पर कोई व्यक्ति एप डाउनलोड करके रुपये भेजने की कहता है तो संभल जाएं। इस तरह से धोखाधड़ी की जा सकती है।