कई लोगों के बैंक खाता हैक करके करोड़ों का चूना लगाने वाले कानपुर के तीन शातिर हैकर साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार कर लिए हैं। उनके पास से कई सिम, फोन और कंप्यूटर व नकदी बरामद हुई है। रविवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। बताया कि इन लोगों के बैंक खाते कई अन्य राज्यों में भी हैं। दो साथियों की तलाश की जा रही है।
रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि करहल निवासी अलकेश कुमार की ओर से एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उन्हें एक फोन आया था। बैंक अधिकारी बनकर बात करने वाले व्यक्ति ने उनके नंबर पर एक ओटीपी भेजा और कुछ ही देर में उनके खाते से 35500 रुपये निकल गए।
इसके अलावा भी ऑनलाइन ठगी की कुछ अन्य शिकायतें मिली थीं। ठगी करने वाले इस गैंग के सदस्यों को पकड़ने के लिए साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह व उनकी टीम के जोगेंद्र सिंह, मनोज कुमार व प्रभारी निरीक्षक थाना करहल शिव कुमार चौहान को लगाया गया था। जांच के दौरान साइबर सेल प्रभारी को पता चला कि जो रुपया विभिन्न खातों से धोखाधड़ी कर निकाला गया है, वह पंजाब नेशनल बैंक शाखा समथर झांसी में गया है। वह रुपया विभिन्न एटीएम के माध्यम से कानपुर से निकाला गया है।
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जानकारी के आधार पर साइबर सेल की टीम कानपुर के ककवन थाना क्षेत्र में गैंग की तलाश में पहुंच गई। लोगों के खाता हैक कर रुपये निकालने वाले गैंग के विजय सिंह, मलखान सिंह और वीरेंद्र सिंह निवासी अहमदपुर नदिया थाना ककवन जनपद कानपुर को गिरफ्तार कर लिया। दो साथी गुड्डू और बबलू नहीं मिले। जब इनके बैंक खाते के बारे में जानकारी की गई तो कई राज्यों में इनके बैंक अकाउंट थे। इसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन भी हुआ था। अकाउंट में जमा शेष राशि को फ्रीज करा दिया गया। हैकरों के कब्जे से बरामद नकदी को कुछ पीड़ितों को वापस कराया गया है।