होटल-रेस्टोरेंट में ग्राहकों को खाने के लिए बासी भोजन और पीने को एक्सपायर्ड कोल्डड्रिंक सर्व की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने निरीक्षण किया तो ये खामियां मिली हैं। जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि कोल्डड्रिंक नष्ट कराने के साथ छह तरह की खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं। सभी को सुधार के लिए नोटिस दिया गया है।
एफएसडीए की टीम सदर भट्टी चौराहा स्थित होटल जिज्ञासा जायका रेस्टोरेंट का निरीक्षण करने पहुंची। यहां ग्रेवी दो-तीन दिन बासी थी। इसको ही तमाम खाद्य सामग्री में उपयोग कर ग्राहकों को परोसा जा रहा था। यहां से विभिन्न ब्रांड की एक्सपायर्ड कोल्डड्रिंक भी मिलीं। इनको कप में सर्व किया जाता था। टीम ने मौके से ही 21 बोतल को नष्ट करवाया। बिजलीघर चौराहा स्थित श्री मोहन ढाबा में गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बन रही थी। यहां भी सात एक्सपायर्ड कोल्डड्रिंक मिलीं। पास ही स्थिति भरत पेठा भंडार में 30 कोल्डड्रिंक एक्सपायर्ड मिलीं। इनको नष्ट कराया गया। बिजली घर चौराहा के पास ही प्रिंस संजय होटल में गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बनते हुई पाई गई। इनको सुधार करने के लिए नोटिस दिया है। हाथीघाट स्थित बंसल पेठा स्टोर से पेठे का नमूना लिया है। किरावली चौराहा स्थित ओमवीर डेयरी में दूध, पनीर और देशी घी का नमूना जुटाया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश कुमार सिंह, अजीत सिंह, अवधेश भारद्वाज, मुकेश शर्मा रहे।
गर्म कर परोस देते भोजन
होटल-रेस्टोरेंट में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। बची हुई खाद्य सामग्री को फ्रीज में रख दिया जाता है। इसको तीन-चार दिन तक उपयोग करते हैं। ग्राहक आने पर उसे गर्म कर परोस दिया जाता है। चिकित्सकों की मानें तो बासी भोजन इस्तेमाल करने से फूड प्वाइजनिंग की संभावना अधिक रहती है।