कासगंज। जनपद में पहली बार फोर्टीफाइड गेहूं की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न सिर्फ गेहूं की खेती में सुधार होगा बल्कि आम लोगों की सेहत भी सुधारेगा। साथ ही किसानों की आर्थिक हालत भी सुदृढ़ करेगा। फोर्टीफाइड गेहूं बीज राजकीय बीज गोदामों पर वितरण के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसकी उत्पादकता भी अच्छी रहती है। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।कृषि विशेषज्ञोें के अनुसार गेहूं की बुवाई के लिए 25 नवंबर तक का समय उपयुक्त है। किसानों ने अपने खेतों को भी तैयार किया है। कुछ किसानों ने गेहूं की अगैती फसलों की बुवाई शुरू की है। वहीं कृषि विभाग के द्वारा भी राजकीय कृषि गोदाम पर गेहूं के बीजों का वितरण शुरू किया है। जिसमें गेहूं की डीबीडब्लू -296, डब्ल्यूएच-1270, एचडी-3226, पीबीडब्लू-723, एचडी-3086, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 296 के अतिरिक्त बायो फोर्टीफाइड गेहूं बीज की प्रजाति डीबीडब्लू-303, डीबीडब्ल्यू-187 एवं पीबीडब्लू-1 जेडएन का भी वितरण किया जा रहा है। इनमें लागत कम आती है और उर्वरकों का उपयोग अन्य प्रजातियों के फसलों से कम करना होता है। बायो फोर्टीफाइड बीज की बुवाई से 6 से 8 क्विंटल की पैदावार प्रति बीघा होती है। जिसमें सामान्य गेहूं की तुलना में प्रोटीन, आयरन एवं जिंक की मात्रा अधिक पाई जाती है। जो सेहत के लिए अच्छा है। इसका किसानों को बाजार में रेट भी अच्छा मिलता है।