रक्षाबंधन पर घर पहुंचने की होड़ में आगरा के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने पर लोग दरवाजों और खिड़कियों पर लटककर सफर करते दिखे, जबकि बसों में भी अव्यवस्था से यात्री परेशान रहे।
आगरा में रक्षाबंधन पर घर पहुंचने के लिए हर किसी को जल्दी थी। शहर के रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड व चौराहों पर परिवहन के इन साधनों में भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया। यहां तक कि लोगों ने जान की परवाह किए बिना ही ट्रेन की खिड़की और बसों की छतों पर चढ़कर सफर किया। आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेनों के स्लीपर और जनरल कोच के बीच अंतर ही समाप्त होता नजर आया।
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रक्षाबंधन पर मुश्किलों का सफर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोच पहले से भरे होने के कारण जगह के लिए धक्का-मुक्की हुई। बच्चे दबकर चिल्लाने लगे। कई यात्री दरवाजे पर लटककर सफर करने को मजबूर दिखे तो कई शौचालय के पास बैठे नजर आए। रेलवे की ओर से तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने और कई स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव देने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिली।
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बृहस्पतिवार को आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर शाम पौने चार बजे हजरत निजामुद्दीन से तिरुवनंतपुरम जाने वाली ट्रेन पहुंची तो यात्रियों में कोच में चढ़ने को लेकर धक्कामुक्की शुरू हो गई। अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। जगह नहीं मिलने पर कई यात्री दरवाजे से लटककर यात्रा करते दिखाई दिए। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर भी यात्रियों की भीड़ और अफरातफरी का यही आलम रहा। सैकड़ों यात्री ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर खड़े रहे।
रक्षाबंधन पर मुश्किलों का सफर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, आईएसबीटी के बाहर बसों में भी यात्रियों की भीड़ लगी रही। सैटेलाइट बस अड्डे पर भी यात्री परेशान दिखाई दिए। रिमझिम बारिश के बीच यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। मिट्टी गीली होने से परिसर में कीचड़ जैसी स्थिति बन गई। रक्षाबंधन पर महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से आज बसों में भी अतिरिक्त भीड़ रहने की संभावना है।