कासगंज में ईद के दिन हजारा नहर में नौ किशोरों के डूबने के हादसे के बाद जिला प्रशासन चौकन्ना हुआ है। डीएम सुधा वर्मा ने हादसे के दूसरे दिन ही नहर पर चेतावनी के बोर्ड लगाए जाने की बात कही थी। अब उन्होंने सिंचाई विभाग और वन विभाग को अलग-अलग बोर्ड लगाने का जिम्मा दिया है।
सिंचाई विभाग नहर में पानी की गहराई अधिक होने के संबंध में चेतावनी के बोर्ड लगाएगा। वहीं वन विभाग नहर में मगरमच्छों व घड़ियाल मौजूद होने संबंधी सूचना देने वाले चेतावनी के बोर्ड लगाएगा।दरअसल, 11 अप्रैल को ईद के दिन हजारा नहर झाल के पुल पर पड़ोसी जनपद एटा के नौ किशोर नहर में नहाते समय डूब गए थे। इनमें चार की जान बच गई थी। हालांकि पांच अन्य के शव बाद में बरामद हुए थे।
किशोर 30-40 फुट गहरे पानी में डूब गए। सर्च ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएस की फ्लड यूनिट के जवानों को नहर की गहराई में काफी मगरमच्छ व घड़ियाल दिखे। जिससे सर्च ऑपरेशन में परेशानी हुई। एनडीआरएफ का एक जवान नहर की गहराई में ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर पहुंचा तो वहां मौजूद मगरमच्छ व घड़ियाल देखकर वापस लौट आया।
एनडीआरएफ के जवान की सूचना के बाद नहर में बड़ी संख्या में मगरमच्छ व घड़ियाल होने की पुष्टि हुई। उसके बाद सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जब जिला प्रशासन के समक्ष पानी की गहराई के संबंध में और मगरमच्छ व घडिय़ाल होने की सूचना पहुंची तो डीएम ने बोर्ड लगाए जाने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग व वन विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह बोर्ड तैयार कराकर नहर पर व पिकनिक स्पॉट के आस पास लगाए जाएंगे जिससे पानी की गहराई व जलीय जीवों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।