कड़ाके की ठंड और पड़ रहे भीषण कोहरे के बाद आगरा और चंबल इलाके में भगवान भाष्कर के दर्शन हुए तो जहां आमजन मानस ने राहत की सांस ली तो वहीं इससे घड़ियाल और मगरमच्छों को भी राहत महसूस हुई। चंबल के तट पर मगरमच्छों और घड़ियालों ने धूप सेंकी। वहीं अपने घरौंदों से निकलकर परिंदों ने भी उड़ान भरी।
नए वर्ष की शुरुआत से ही फिजा में कोहरा और धुंध की चादर में लिपटी हुई हुई थी। सूरज के दर्शन नहीं हुए थे। इसका असर जहां आम जनमानस पर पड़ रहा था। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे थे। वहीं इससे जलीय जीव भी परेशान थे। धूप खिली तो जलीय जीव नदी से बाहर नहीं निकले। परिंदों तक की उड़ान देखने को नहीं मिली थी। धूप खिलते ही घड़ियाल और मगरमच्छ भी नदी से बाहर निकले।
नए साल के पहले दिन मायूस होकर लौटे पर्यटक भी रोमांचित दिखे। चंबल सफारी जरार के केयर टेकर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि चंबल में मंगलवार को पर्यटकों ने धूप सेंकते घड़ियाल और उड़ान भरते परिंदों को देखा और अपने कैमरे में कैद किया। बाह के रेंजर अमित सिसौदिया ने बताया कि दोपहर बाद मौसम साफ होने से चंबल के जलीय जीव और पक्षी अपने घरौंदों से बाहर निकले।