बासौनी के झरनापुरा गांव में शुक्रवार अपरान्ह तीन बजे चरवाहे वीरभान सिंह (35) के एक पैर को जबड़े में जकड़ कर मगरमच्छ चंबल नदी में खींच ले गया। उन्होंने दोनों हाथों से मगरमच्छ के जबड़े को पकड़ कर पैर छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। उनको बचाने के लिए 10 साल के बेटे अजयराज ने मगरमच्छ के सिर पर डंडे से प्रहार किया। तब कहीं जाकर चरवाहे की जान बच सकी।
घायल वीरभान सिंह को बाह सीएचसी से एसएन मेडीकल कॉलेज आगरा के लिए भेज दिया है। झरनापुरा गांव के वीरभान सिंह रोजाना की भांति चंबल के बीहड़ में बकरी चराने गये थे। उन्होंने बताया कि अपरान्ह 3 बजे के करीब बकरियों को नदी में पानी पिलाने के लिए ले गये थे। जब बकरियां पानी पी रही थी तो वह बोतल में पीने के लिए पानी भरने लगा।
अचानक से मगरमच्छ एक पैर को जबड़े में जकड़ कर नदी में खींचने लगा। वीरभान सिंह ने मगरमच्छ के जबड़े को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर पैर छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान मगरमच्छ ने हाथ की एक अंगुली में काट लिया। जब मगरमच्छ खींच कर चंबल नदी में ले जा रहा था, तभी पास में मौजूद बेटे अजयराज ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। जिस पर मगरमच्छ ने वीरभान सिंह को छोड़ दिया और वह नदी से बाहर निकलने में कामयाब हो गये।
मगरमच्छ ने हमले में उनके एक पैर का मांस नौंच लिया था। पैर पर कई जगह गहरे घाव हो गये हैं। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए बाह सीएचसी पर भर्ती कराया। जहां से एंबुलेंस द्वारा एसएन मेडीकल कॉलेज आगरा के लिए भेज दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि घटना की जानकारी पर वन विभाग की टीम मौके पर गई है। ग्रामीणों को पहले ही नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई थी। लेकिन फिर भी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे।