उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कुरावली थाने से चंद कदमों की दूरी पर गुरुवार को दिनदहाड़े सरेराह एक व्यापारी की हत्या कर दी गई। वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या का आरोप मृतक के सगे भांजों पर है। हत्या के बाद भीड़ ने आरोपियों को पकड़ने का कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ को आता देख आरोपी थाने में घुस गए थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
भोगांव थाना क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय बसंत कुमार स्वर्णकार लगभग 20 साल पहले कुरावली के मोहल्ला कुंवरपुर निवासी बहनोई राजेश कुमार के घर में रहने आया था। कुछ समय बाद उसने किराये का घर ले लिया और अलग रहने लगा था। बहनोई ने उसे किराये पर एक दुकान लेकर दी, जिसमें बसंत सराफे का काम करने लगा। धीरे-धीरे बसंत ने मदनपाल बाजार में बहनोई के पास ही खुद की दुकान ले ली।
कुछ वर्ष पूर्व उसने लक्ष्मी नाम की एक महिला से दूसरी शादी कर ली थी। उसके साथ ही मोहल्ले में ही मकान बनाकर रहने लगा था। बसंत की पहली पत्नी मंजू हैं, जो राजेश की बहन है। राजेश अपनी बहन मंजू को उसका हक दिलाना चाहता था। बसंत की मां भी कुछ समय पूर्व मंजू के नाम मोहल्ला कुंवरपुर स्थित आधा मकान कर चुकीं थीं। बसंत मकान का आधा हिस्सा खाली नहीं कर रहा था।
रंजिश में बदला रिश्ता
इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच तकरार की स्थिति बनी हुई थी। आए दिन झगड़े हुआ करते थे। गुरुवार को व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और परिवार के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दोपहर तकरीबन ढाई बजे बसंत सब्जी मंडी की ओर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान जीटी रोड पर थाने के समीप भांजे जितेंद्र, धर्मेंद्र और शिवम पुत्र राजेश ने बसंत को रोक लिया।
भांजों ने सड़क पर पड़ी ईंट से बसंत की कूचकर हत्या कर दी। चीख-पुकार सुनकर लोग एकत्र हुए तो आरोपी थाने में घुस गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मधुवन कुमार, क्षेत्राधिकारी (सीओ) कुरावली डीपी गौड़ पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
मौके से हत्या में प्रयुक्त खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि भांजों द्वारा पारिवारिक विवाद के चलते बसंत की ईंट से कूचकर हत्या की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।